अमरोहा। गैर इरादतन हत्या के मामले में तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति व गंभीरता को देखते हुए जिला जज जफीर अहमद की अदालत ने तीन आरोपियों जमानत को खारिज कर दिया है।
नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के धनौरी मीर गांव में शाकिर अली का परिवार रहता है। शाकिर अली नौगांवा सादात कस्बे में फर्नीचर की दुकान चलाते थे। 10 अप्रैल को शाकिर अली दुकान पर गए हुए थे। शाम को चांद दिखने के बाद घर में ईद की तैयारी चल रही थीं। इस दौरान नवाब शाकिर अली को बेटा सावेज गांव में ही सैलून पर बाल कटवाने गया था। यहां पर परिवार के ही सामिक अली ने सावेज के साथ मारपीट कर दी। ये बात सावेज ने अपने घर जाकर परिजनों को बताई। तब तक शाकिर अली दुकान से घर आ चुके थे। जिसके बाद शाकिर अली, अपने भाई जाबिर अली, इशरत अली और बेटे नवाब अली के साथ शिकायत करने सामिक के पास पहुंचे तो वहां मौजूद हासम, वसीम, सामिक, मुजफ्फर और राशिद ने उनकी लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटाई कर दी।
मारपीट में नवाब अली, शाकिर अली, जाबिर अली और इशरत अली घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने शाकिर अली को इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में मृतक शाकिर अली के बेटे नवाब की तहरीर पर आरोपी हासम, वसीम, सामिक, मुजफ्फर और राशिद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या धमकी और गाली गलौज के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने राशिद अली, सामिक अंसारी और वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मंगलवार को जिला जज जफीर अहमद की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह, पीड़ित के अधिवक्ता अमित कुमार जैन व मनु शर्मा ने संयुक्त रूप से जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। सुनवाई के बाद जिला जज ने तथ्यों, परिस्थितियों एवं अपराध की प्रकृति व गंभीरता के आधार पर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।