नौगावां सादात थाना के गांव याहियापुर निवासी किसान के दो साल के बेटे का शव गांव के तालाब में उतराते मिलने सनसनी फैल गई। चील-कौवे शव को निशाना बना रहे थे। वह दो दिन से गायब था। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीएम के बाद ही बच्चे की मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
नौगावां सादात के गांव याहियापुर निवासी किसान सर्वेंद्र सिंह का दो साल का इकलौता बेटा ध्रुव 26 अप्रैल की सुबह घर से खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक जब वो वापस नहीं लौटा ने परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शाम तक बच्चे की कोई जानकारी नहीं मिलने पर नौगावां सादात थाने बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। अगले दिन भी बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
गांव के ही तालाब में मछली पालन करने वाला दूल्हे हसन शुक्रवार को मछलियों को देखने के लिए पहुंचा। तालाब में बच्चे का शव उतराता हुआ देख उसने शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। तालाब में उतरा रहे शव को चील और कौवों ने नोचना शुरू कर दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही सर्वेंद्र और परिजन भी मौके पर पहुंच हए।
शव को बाहर निकाला गया। सर्वेंद्र ने उसकी पहचान अपने बेटे ध्रुव के रूप में की। बेटे की लाश मिलते परिजनों ने रोना बिलखना शुरू कर दिया। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या के कारणों का पता चल सकेगा।
घर से दूसरी ओर उतराता मिला शव
नौगावां सादात के याहियापुर में जिस तालाब में बच्चे का शव उतराता मिले वो दो तरफ से मकानों से घिरा हुआ है। सवेंद्र के घर से कुछ आगे तालाब खुला हुआ है, लेकिन वहां बच्चे का शव नहीं मिला।
बच्चे का शव दूसरे छोर पर उतराता मिला। इस कारण ये मामले चर्चा का विषय मिला हुआ था। बच्चे की मौत डूबकर हुई है या उसके साथ कुछ और हुआ है। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
इकलौते बेटे की मौत से उजड़ गई, सर्वेंद्र की दुनिया
दो साल के इकलौते बेटे का शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन बिलख पड़े। मां तो बेहोश ही हो गई। पति भी अपनी सुधबुध खो बैठा था। उससे बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वो कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं था।
घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी थी। सभी आंखें नम थी। परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे, जिसमें उन्होंने बच्चे को अकेला खेलने के लिए बाहर जाने दिया था।