कैपिटल गेन्स टैक्स के चलते जमीनों की खरीद फरोख्त करना अब आसान नहीं रहा है। जिसके चलते पिछले तीन सालों में जमीन व प्लाट की रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में भारी गिरावट आई है। साल दर साल रजिस्ट्री का ग्राफ गिरता जा रहा है। राजस्व विभाग को इस बार दस करोड़ का कम राजस्व प्राप्त हुआ है।
इन कारणों के चलते इस बार जमीनों के सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाएंगे। बल्कि जमीनों के सर्किल रेट घटाए जाने पर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। दूसरी ओर वर्ष 2014-15 से अब तक जितने लोगों ने जमीनों की खरीद फरोख्त की है, उन सबको आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी हो रहा है।
जमीन खरीदने के लिए रकम कहां से आई, इनकम टैक्स अदा किया या नहीं। इससे क्रेता और विक्रेता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कैपिटल गेंस टैक्स संबंधित से वसूला जाएगा। इन सब के चलते जमीनों की खरीद फरोख्त करने वालों में खलबली मची हुई है।
कैपिटल गेंस टैक्स के चलते पिछले तीन साल से जमीनों की रजिस्ट्री का ग्राफ साल दर साल घटता रहा है। इस साल करीब दस करोड़ का राजस्व कम प्राप्त हुआ है। इन कारणों के चलते इस बार जमीनों के सर्किल रेट नहीं बढ़ेंगे। जमीनों के सर्किल रेट कम हो सकते हैं, शासन स्तर पर इस संबंध में मंथन चल रहा है। शासन का जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन कराया जाएगा। एमके सक्सेना, एआईजी स्टांप