अमरोहा। पाकिस्तानियों की मदद से गजवा-ए-हिंद की साजिश रच रहे कट्टरपंथी अजमल अली की गिरफ्तारी के बाद उसके दोस्त और करीबियों पर एटीएस की निगाहें हैं। अजमल के इंस्टाग्राम और फेसबुक से जुड़े दोस्तों की कुंडली भी एटीएस खंगाल रही है। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का खुलासा होने के बाद अजमल के परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
मंगलवार को भी परिजनों ने घर के दरवाजे बंद रखें। स्थानीय खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों ने भी गांव में पहुंचकर जानकारी जुटाई। कर्नाटक में रहने वाले अजमल के करीबी इमाम अनवर के बारे में भी खुफिया एजेंसी ने जानकारी हासिल की है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के देहरा गांव निवासी अजमल अली को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। अजमल अली पर आरोप है कि वह रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप में जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में तीन एडमिन समेत 400 पाकिस्तानी सदस्य हैं। अजमल अली विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्र विरोधी व गैर मुस्लिम धर्म के व्यक्तियों के प्रति कट्टरपंथी विचारधारा को प्रसारित-प्रचारित कर रहा था। रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप के अलावा वह अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में था। अजमल अली महाराष्ट्र राज्य के जिला ठाणे के थाना बादलापुर पश्चिम के दरगाह बदलापुर गांव के रहने वाले डॉ. उसामा माज शेख को अपना सीनियर और गुरु मानता था।
युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता था प्ररित
अजमल अली की डॉ. उसामा नाम की इंस्टाग्राम व सिग्नल एप के माध्यम से भारत विरोधी बातें होती थी। भारत की चुनी हुई सरकार गिरकर शरिया लागू करने की बात की जाती थी। हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से भारत में गजवा-ए-हिंद करके शरिया का कानून लागू करना चाहते थे। अजमल अली डॉ. उसामा माज शेख के साथ मिलकर नवयुवकों को गैर मुसलमानों के प्रति भड़काकर उनमें रोष पैदा करते थे, उन्हें भारत विरोधी और अपराधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करते थे। अजमल अली की गिरफ्तारी के बाद से उसके गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
गांव के बहारी छोर पर है घर
अजमल अली का परिवार घर के बाहरी छोर पर रहता है। ग्रामीणों की माने तो अजलम का पूरा परिवार गांव के लोगों के बेहद कम ताल्लुक रखता है। सूत्रों की माने तो अजमल की गिरफ्तारी के बाद एटीएस की निगाहें उसके फेसबुक-इंस्टाग्राम से जुड़े दोस्तों की गतिविधियों पर हैं।