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Amroha News: नहीं चलेगी मनमानी, अब ट्राॅली का भी कराना होगा पंजीकरण

Sat, 15 Feb 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। सड़कों पर हादसों को रोकने के लिए शासन ने ट्राॅली को लेकर गाइडलाइन जारी की है। अब ट्रॉली बनवाते समय मनमानी नहीं चलेगी। परिवहन विभाग ने ट्राॅली या ट्राॅला का पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया है।
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ट्रॉली पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगानी होगी। ट्राॅली का निर्माण करने वाले निर्माताओं को भी परिवहन विभाग में पंजीयन करना होगा। निर्माण के लिए दिए गए मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे हादसे के बाद आसानी से ट्राॅली या ट्रॉला मालिक का पता चल जाएगा।
परिवहन विभाग अब नई तैयारी में जुटा है। नए वित्तीय सत्र से ट्राॅली और ट्राॅला का भी पंजीकरण आरटीओ में होगा। उस पर चेचिस और रजिस्ट्रेशन नंबर पड़ेगा। एआरटीओ कार्यालय में 25 हजार से अधिक ट्रैक्टर कृषि कार्य में पंजीकृत हैं। सिर्फ 12 का पंजीयन काॅमर्शियल कैटेगरी में है, जबकि अधिकतर ट्रैक्टर-ट्राॅली भट्ठों से ईंट पहुंचाने और भवन निर्माण सामग्री विक्रेता के दुकानदारों के भरोसे चल रही हैं।
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मानक विहीन ट्रैक्टर-ट्राॅली और ट्रेलर से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर विभाग अब इनपर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टर और ट्रेलर निर्माण करने वाले वर्कशॉप को भी मानकों के मुताबिक ट्राॅली व ट्रेलर निर्माण करना होगा, जिससे आकार दुर्घटना का कारण न बनने पाए।
ट्राॅली तैयार करने का होगा मानक
उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 के नियम-172 के तहत पंजीकरण कराने पर परिवहन विभाग की ओर से चार अंकों का कोड मिलेगा, जो उनके उत्पादों पर अंकित होगा। ट्राॅली निर्माण में सड़क सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय निर्माताओं को एआइएस-112 में निर्धारित मॉडल आर-2, आर-3, और आर-4 के मानकों का पालन करना होगा। इनमें डबल एक्सल ट्राॅलियों को प्राथमिकता दी गई है और सिंगल एक्सल ट्राॅलियों का निर्माण प्रतिबंधित किया गया है। ट्रॉली की तकनीकी विशेषताओं जैसे लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और वजन की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है। उदाहरण के तौर पर आर-3 मॉडल ट्राॅली की लंबाई 6.7 मीटर और चौड़ाई 2.5 मीटर तक सीमित होगी।
ट्राॅलियों में ढोई जा रहीं सवारियां
परिवहन विभाग में ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का पंजीकरण केवल कृषि कार्य के लिए किया जाता है। शासन ने ट्रैक्टर-ट्राॅली पर सवारियों को ले जाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बावजूद प्रतिदिन ट्रॉलियों पर लोग बैठे नजर आ रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्राॅली से कई सड़क हादसे हुए, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली आए दिन जिले में हादसे हो रहे हैं, फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे थे।
- ट्राॅली और ट्राॅला का भी पंजीकरण एआरटीओ में होगा। उस पर चेचिस और रजिस्ट्रेशन नंबर पड़ेगा। ट्राॅली का निर्माण करने वाले निर्माताओं भी परिवहन विभाग में पंजीयन करना होगा। ट्राॅली तैयार करने का मानक तैयार किया गया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। जिले में इसपर अमल शुरू कर दिया गया है। - महेश शर्मा, एआरटीओ
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