सप्ताह के चार दिन सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को व्रत रखता था। बंदरों को प्रत्येक दिन प्रसाद खिलाया करता था। उसकी गाड़ी को देखकर बंदर गाड़ी को ओर दौड़कर घेर लेते थे। पीतम सिंह का कहना है कि मेरे आंखों के सामने अनुज की तस्वीर घूमती रहती है। तीन रातें बीत जाने के बाद भी नींद नहीं आ रही है।
मेरे इकलौते पुत्र की हत्या करके बदमाशों ने मेरे वंश का नाश कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विश्वास है कि हत्या के दोषियों के विरुद्ध प्रशासन कठोर कार्रवाई करेगा, लेकिन मेरे कान बदमाशों के एनकाउंटर होने की खबर सुनने को तरस रहे हैं।
पैतृक गांव में गुरुद्वारा निर्माण कराना चाहते थे अनुज
अनुज चौधरी ने अपने पैतृक गांव नेकपुर में गुरुद्वारा का निर्माण कराना चाहते थे। इसके लिए लगभग पांच बीघा जमीन का सौदा तय कर लिया था। उक्त भूमि का 14 अगस्त बैनामा होना था। अनुज चौधरी के साथी पप्पू ने बताया कि उनकी पैतृक गांव में गुरुद्वारा निर्माण करवाने की योजना थी। जिसके लिए जमीन का सौदा भी तय कर लिया था। 14 अगस्त को उक्त भूमि का बैनामा कराने की तारीख निश्चित की गई थी, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।