अमरोहा। सीडीओ ने डीपीआरओ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए छह बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। उन्होंने डीपीआरओ को जारी नोटिस में लिखा है कि वह सामान्य पत्राचार कर जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। जबकि ग्राम प्रधान, सचिवों और एडीओ पंचायतों द्वारा कार्यपूर्ति, उपभोग प्रमाण पत्र आदि रिकार्ड जमा करना बेहद जरूरी है।
जिले में छह ब्लॉक और 601 ग्राम पंचायत है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने को है, लेकिन अभी तक समायोजन, कार्यपूर्ति और उपभोग प्रमाण पत्र जमा नहीं हुए हैं। हाल यह है कि वर्ष 2015-16 और 2016-17 का कोई भी समायोजन जमा नहीं किया गया है। कुछ सचिवों ने वर्ष 2017-18 का रिकार्ड जमा नहीं किया है। वर्ष 2019-20 में रकम की कार्यपूर्ति और उपभोग सर्टिफिकेट जमा करने की स्थिति भी चिंताजनक है, जबकि वित्तीय वर्ष शुरू हुए आठ महीने बीत गए हैं। वहीं, डीपीआरओ वाचस्पति झा ने नवंबर में समस्त ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत को रिकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उन्होंने रिकॉर्ड जमा करने के लिए सात दिसंबर तक की मोहलत दी थी। उन्होंने अधीनस्थों को जारी पत्र की कॉपी सीडीओ को भेजी थी। इस पर सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने डीपीआरओ को नोटिस जारी जवाब तलब किया है। सीडीओ रिकॉर्ड जमा नहीं करने वाले ग्राम प्रधानों, सचिवों और एडीओ पंचायतों की संख्या के बारे में पूछा है। इसके अलावा पंचायत सचिवों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी पूछा है। साथ ही डीपीआरओ से पूछा है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।