उधर, घायल नाजरीन, सोनिया और इंद्रावती की हालत नाजुक बनी हुई है। इनमें नाजरीन व सोनिया मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि इंद्रावती को अमरोहा के ही निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, जिला अस्पताल में भर्ती पांचों घायलों की सेहत में सुधार उन्हें घर भेज दिया गया है।
16 जून की दोपहर अतरासी गांव के बाहरी हिस्से में चल रही पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया था। इसमें रजबपुर निवासी रुकसाना व शहनाज और पपसरा गांव निवासी रूमा व सर्वेश की मौत हो गई थी। वहीं, मोती नगर निवासी मोना, विशाल, पूजा, पूजा पत्नी अमित कुमार व इंद्रावती, अतरासी कलां निवासी सलोनी, पपसरा निवासी सोनिया, पूजा पत्नी राजेश व मंगूपुरा निवासी नाजरीन घायल हो गईं थीं। अधिकांश महिलाओं के चेहरे झुलस गए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर हालत में नाजरीन व सोनिया को मेरठ रेफर कर दिया था। इसके बाद मोना व इंद्रावती की भी तबीयत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने मोना को मेरठ के लिए रेफर कर दिया था, जबकि परिजनों ने इंद्रावती को जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल भर्ती करा दिया था।
घायलों में तीन की हालत अभी भी नाजुक
नाजुक हालत के चलते चारों को आईसीयू में रखा गया। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान मोना भी मौत हो गई है। वहीं, विशाल, पूजा, पूजा पत्नी अमित कुमार, सलोनी, पूजा पत्नी राजेश की हालत में सुधार है। डॉक्टरों ने पांचों को घर भेज दिया है। घायल नाजरीन, सोनिया और इंद्रवती अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत गंभीर बनी है।