असमोली गन्ना विकास परिषद में शामिल जिले के 55 गांव जल्द ही अमरोहा गन्ना विकास परिषद को सौंपे जा सकते हैं। प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने अधीनस्थों से इस संबंध में कागजात तलब किए हैं। उधर उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद और संभल डीसीओ ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। इससे गन्ना आयुक्त, गांवों को अमरोहा विकास परिषद में शामिल करने की एक सप्ताह के भीतर घोषणा कर सकते हैं।
30 मई 2006 को जिले के 55 गांवों को अमरोहा गन्ना विकास परिषद से काट कर असमोली गन्ना विकास परिषद(तत्कालीन मुरादाबाद) में शामिल कर दिया गया था। साल-2011 में संभल जिला बन गया, फिर ये गांव नए जिले के असमोली गन्ना विकास परिषद में शामिल कर दिए गए।
इस व्यवस्था से किसानों की किस्मत ही इनसे रूठ गई, क्योंकि किसानों को सहकारी गन्ना समिति में काम के लिए अमरोहा और गन्ना विकास परिषद में काम पड़ने पर असमोली जाना पड़ता है। इनसे जुड़े अफसरों के अलग-अलग जगह बैठने से किसानों की परेशानी बढ़ गई थी, उनके कार्य विभिन्न एजेंसियों में फंसे थे।
उधर, अलग जिला और अलग गन्ना विकास परिषद होने के कारण यह गांव गन्ना विभाग द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों से कोसों दूर हैं। न तो पुरानी सड़कों की मरम्मत हो पा रही है और न ही नई सड़कों का निर्माण हो पा रहा है। विकास कार्य बाधित होने के अलावा विभिन्न दफ्तरों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को अधिक धन भी खर्च करना पड़ रहा है।
उन्हें विभागीय अनुदान का भी लाभ नहीं मिल रहा है। यह मसला सामने आने पर प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने अमरोहा के 55 गांवों को असमोली से काट कर अमरोहा गन्ना विकास परिषद में शामिल करने के लिए सभी कागजात तलब कर लिए हैं।
जल्दी ही गांवों को अमरोहा में शामिल करने की घोषणा कर सकते हैं। केन कमिश्रर ने जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह को भी इस संबंध में 23 अगस्त को तलब किया था। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ज्ञान प्रकाश तिवारी के मुताबिक, अमरोहा में शामिल होने के बाद 55 गांवों के किसानों की समस्याओं का समाधान होगा। गौर करने की बात यह है कि उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्रा तथा संभल जिला गन्ना अधिकारी ने भी अपनी सहमति जाहिर की है।
प्रदेश गन्ना आयुक्त से की थी मांग
सरकड़ी अजीज में सात अगस्त को आए प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी से मिलकर किसानों ने जनपद के 55 गांवों को अमरोहा परिषद में शामिल कराने की मांग की थी। भाकियू भानु के प्रांतीय महासचिव चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में सुरेंद्र सिंह, जयकीरत सिंह, बृजपाल सिंह यादव समेत किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने कुछ तर्क रखे थे।
गन्ना विकास परिषद यह कार्य करती है...
चीनी मिलें गन्ना विभाग को कमीशन अदा करती हैं। जिसमें 75 फीसदी धनराशि सहकारी गन्ना समिति को जाता है तथा 25 प्रतिशत गन्ना विकास परिषद को। गन्ना विकास परिषद क्षेत्र में नई सड़कों का निर्माण और टूटी फूटी पुरानी सड़कों की मरम्मत कराती है। इसमें 20 प्रतिशत अंश गन्ना विकास परिषद और बाकी शासन का खर्च होता है।
यह गांव हैं जो अमरोहा परिषद में शामिल किए जाने हैं
फरीदपुर, नरैनी, शहबाजपुर पट्टी, शहवाजपुर की मढ़ैयां, हाकमपुर, चकमजदीपुर, नरैना खुर्द, जगुआ खुर्द, अतरासी की मढ़ैयां, मिलक नाईपुरा, नाजरपुर, फैयाजनगर, हैबतपुर, सलारपुर खालसा, चोटीपुरा, रसूलपुर, रायपुर शहजादनगर, ईंट का रढ़ा, गजरौला प्रभुवन, असावर, लंबिया, सरकड़ा कमाल, दानपुर, कुआंखेड़ा, सरकड़ी मुंडी, जलालपुर, इकौंदा, सलामतपुर, तोफापुर भवानीपुर, रजबपुर, शकरपुर, हुमायूं नगर, मोहम्मदपुर, मुजाहिदपुर, भीकनपुर मूंढ़ा, सलारपुर माफी, कनपुरा, खईया, शेखुपुरा, जीवाई, हसनपुर कलां, मुबारकपुर नूरी, पतेई खालसा, सहसपुर, दीपपुर, मूढ़ा इम्मा, ढकिया चमन, बुढ़नपुर, अम्हेड़ा, मजरा फत्तेहपुर, करनपुर, जोगीपुरा, गंगदासपुर, पलौला।
असमोली गन्ना विकास परिषद में शामिल अमरोहा जिले के 55 गांव जल्दी ही अमरोहा में शामिल हो सकते हैं। इस संबंध में प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने सभी कागजात तलब किए हैं। इसको लेकर सात अगस्त को सरकड़ी अजीज गांव में आने के दौरान सहमति भी जता गए थे। विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।