अमरोहा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होती जा रही हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दो के स्थान पर एक ही रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं और वह भी तीन दिन की ट्रेनिंग पर लखनऊ चले गए हैं जिसके चलते अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
मरीजों को सोमवार के बाद आने की तारीख दी जा रही है। शुक्रवार को भी 60 से ज्यादा मरीज बैरंग लौटे। ऐसे में मरीजों की पीड़ा बढ़ती जा रही है। कई मरीजों को मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भारी भरकम फीस देकर जांच करानी पड़ी।
जिला अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड-एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हैं। एक अल्ट्रासाउंड मशीन महिला विंग में लगी है जबकि दूसरी जिला अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में। बीमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं लेकिन समय पर अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते है। इसका मुख्य कारण महिला विंग के रेडियोलॉजिस्ट नौकरी छोड़कर चले गए हैं जिसके बाद इमरजेंसी विंग के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विजयपाल पर जिम्मेदारी आ गई है। वह भी कई बार कानूनी प्रक्रिया के चलते बाहर रहते हैं। वह शुक्रवार को दिन की ट्रेनिंग पर लखनऊ गए हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना 70 से 80 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं जिनमें चंद मरीजों की जांच हो पाती हैं। अन्य को दस से 15 दिन बाद तक की तारीख देकर वापस भेज दिया जाता है। शुक्रवार को पेट दर्द व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही वापस लौट गए।
- रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विजयपाल सिंह तीन दिन की ट्रेनिंग पर लखनऊ गए हैं जिसके चलते अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के दो पद हैं जबकि एक डाक्टर ही तैनात हैं। इसकी वजह से दिक्कत आ रही है। डॉ. विजयपाल सिंह सोमवार को आ जाएंगे। इसके बाद मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। - डॉ. चरन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
धूल फांक रही महिला विंग की अल्ट्रासाउंड मशीन
पिछले करीब एक साल से जिला अस्पताल की महिला विंग में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। विभाग के सुस्त रवैए के चलते आमजन निजी सेंटरों में जाकर महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर है।
एक सप्ताह से है पेट दर्द
शुक्रवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंंचे अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट के रहने वाले रामचंद्र सिंह का कहना था कि वह पेट दर्द के चलते पिछले एक सप्ताह से परेशान है। अस्पताल में चिकित्सकों ने दवा दी लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से मजबूरन प्राइवेट में 800 रुपये में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा है।
अस्पताल पहुंचकर पता चला नहीं हो पाएगा अल्ट्रासाउंड
हसनपुर के मोहल्ला लालबाग निवासी याकूब का कहना है कि जिला अस्पताल में नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड होते है। वहां पहुंचने पर चिकित्सक के नहीं होने की बात कही जाती है। शुक्रवार को भी यही बात कहकर वापस कर दिया गया है। सोमवार के बाद आने की बात कही है। पता नहीं इस बार भी अल्ट्रासाउंड हो पाएगा या नहीं।