लोकसभा सीट पर जातिगत गणित
गढ़-अमरोहा लोकसभा सीट पर दलित, सैनी और जाट वोटर अधिक संख्या में हैं, मुस्लिम वोटरों की संख्या 20 फीसदी से ऊपर है। इसके अलावा जाट, सैनी और खड़गवंशी भी मुस्लिम-दलित गठजोड़ को बराबरी की टक्कर देते हैं।
ये हैं पांच विधानसभा क्षेत्र
अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें जिसमें गढ़मुक्तेश्वर, धनौरा, नौगावां सादत, अमरोहा और हसनपुर शामिल हैं।
2019 के चुनाव में मिली जीत पर एक नजर
गढ़-अमरोहा लोकसभा सीट पर वर्ष 2019 में सपा और बसपा का गठबंधन था। गठबंधन होने बसपा ने कुंवर दानिश अली के मैदान में उतारा था। चुनाव के दौरान दानिश अली को 6,01,082 वोटों के साथ जीत हासिल की। उन्होंने इस सीट से रहे बीजेपी के सांसद कंवर सिंह तंवर को हराया। 2014 के विजेता कंवर सिंह तंवर को 5,37,834 वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के सचिन चौधरी को मात्र 12,510 वोट ही मिल पाए थे।
आस्था के साथ कलाकार और क्रिकेटरों से है पहचान
अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में करीब 17 लाख मतदाता हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण और कौरव पांडवों की कर्मभूमि का इतिहास भी अपने आप में गवाही देता है। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण के कदमों पर उगे कदंब के पेड़ और सैंकड़ों बीघा जमीन पर बना वासुदेव तीर्थ और राजा सगर के सौ पुत्रों का मुक्ति धाम गढ़मुक्तेश्वर स्थित है।
गढ़-अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में देश ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा गुरुकुल है, जहां की छात्राओं ने तीरंदाजी में पदक जीत कर लोकसभा क्षेत्र को एक पहचान देने का काम किया है। लोकसभा क्षेत्र से क्रिकेट खिलाड़ी स्व. चेतन चौहान और मोहम्मद शमी ने पहचान दिलाई है।
इनके अलावा कलाकार कमाल अमरोही जान एलिया, सिंभावली के गांव पीरनगर निवासी फिल्म कलाकार विश्वजीत प्रधान, बाल कलाकार मायरा सिंह क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।