ग्यारह साल पहले शराब में जहर पिलाकर किसान सतपाल की हत्या करने वाले तीन दोषियों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय का फैसला आने के बाद तीनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के बागड़पुर इम्मा गांव में किसान सतपाल सिंह का परिवार रहता है।
11 दिसंबर 2013 की रात गांव के रहने वाले राजीव, वीरेश, राजेश और सुंदर किसान सतपाल को घर से बुलाकर ले गए। चारों ने शराब में जहर मिलाकर सतपाल को पिला दिया। उसी दिन रात को करीब नौ बजे चारों आरोपी सतपाल को घर में फेंककर भाग गए। हालत बिगड़ने पर सतपाल ने अपनी पत्नी सुरेखा को चारों आरोपियों के द्वारा जबरदस्ती शराब पिलाने की बात बताई थी।
लगातार तबीयत बिगड़ने पर सुरेखा ने परिजनों की मदद से सतपाल का इलाज कराया, लेकिन 12 दिसंबर की रात करीब तीन बजे खून की उल्टी के साथ सतपाल की मौत हो गई। सुरेखा ने पति सतपाल की रंजिशन हत्या का आरोप लगाकर राजीव, वीरेश, राजेश और सुंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने आरोपी राजीव, वीरेश, राजेश, सुंदर को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी वीरेश की मौत हो चुकी है। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित द्वितीय ज्योति की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ पैरवी कर रहे थे। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने शुक्रवार को आरोपी राजेश, सुंदर और राजीव को हत्या का दोषी करार दिया। न्यायालय ने शनिवार को मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जहर पिलाने में सात साल की सजा
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि न्यायालय ने जहर पिलाने के आरोप में दोषी राजीव, वीरेश, राजेश को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।