गजरौला हाईवे पर ख्यालीपुर ढाल के सामने वाहन ने तेंदुए को टक्कर मार दी। मुंह पर चोट लगने से तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। हसनपुर रेंजर ने भी मुआयना किया। तेंदुए के शव को सिहाली जागीर स्थित वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पोस्टमार्टम कराने के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में उसे जला दिया गया।
गंगा किनारे के गांवों में बीते एक महीने से तेंदुआ लगातार दिखाई दे रहा था। तिगरी, मोहरका पट्टी, मुरादपुर, गंगापुरी, बिजौरा के ग्रामीणों ने कई बार खेतों में तेंदुए को देखा। तिगरी निवासी बाइक सवार किसान ने खेत में तेंदुए को नीलगाय का पीछा करते हुए देखा था। तिगरी के निकट कार सवारों को सड़क पार करते हुए तेंदुआ मिला था।
बिजौरा से लेकर मुरादपुर के जंगल में आए दिन तेंदुए की दस्तक रही। जंगल में पशुओं के अवशेष भी मिले। जिनको तेंदुए ने अपना निवाला बनाया था। गांवों के ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगवाने की कई बार मांग की, लेकिन वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी टालमटोल करते रहे।
पिंजरा लग कर तेंदुआ पकड़ा जाता तो शायद हादसे में उसकी जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये वहीं तेंदुआ है जो लगातार देखा जा रहा था। हो सकता है कि तेंदुआ रात के समय किसी पशु का पीछा करते हुए हाईवे तक आ गया और वाहन से टकरा गया। जिससे उसकी मौत हो गई।