पुलिस की लापरवाही से हो सकती है बड़ी घटना
प्रशासन पर आरोपियों से मिला होने का आरोप लगाते हुए दूसरे समुदाय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही। बताया कि जब नौगांवा सादात थानेदार और दरोगा को फोन करते हैं तो कोई जवाब नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में पुलिस की लापरवाही के कारण बड़ी घटना हो सकती है। छह जून 2023 की शाम धर्मस्थल का निर्माण कराते हुए लोग पूजा-पाठ कर रहे थे। तभी दूसरे समुदाय के लोगों ने पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। पुलिस के पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच पथराव होने के साथ जमकर बवाल हुआ था।
कुछ समय पहले हुई थी मारपीट-फायरिंग
फायरिंग भी की गई। घटना में बुजुर्ग फूलवती समेत छह से अधिक लोग घायल हो गए। नौगांवा सादात इंस्पेक्टर, सीओ सतीश और एसडीएम ने बिगड़ते हालात को संभाला। एक समुदाय के लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी और तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया। मोटरसाइकिलों को तोड़ा गया। साथ ही पुलिस पर ही लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। सांप्रदायिक बवाल होने पर मंडी धनौरा, बछरायूं, अमरोहा नगर समेत कई थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया था। तत्कालीन एसपी ने भी मौका मुआयना किया था।
आरोपियों की नहीं हो रही गिरफ्तारी
इस मामले में सत्यवीर सिंह की तहरीर पर दूसरे समुदाय पक्ष के नामजद और अज्ञात समेत 115 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में दूसरे समुदाय की ओर से न्यायालय के आदेश पर पहले पक्ष के नामजद और अज्ञात समेत 101 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। करीब एक महीने पहले एक वर्ग के लोगों ने एसपी ऑफिस कर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने नामजद आरोपी डॉ. सजाउद्दीन खान, रुस्तम खां, अलाउद्दीन खां, अकरम खां, सद्दाम खां, सुहेब, अमीर, शाहनवाज को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
प्रशासनिक अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे
पीड़ित सत्यवीर सिंह ने बताया कि गांव में दूसरे समुदाय के लोग शोषण कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। स्थिति ये है कि दूसरे समुदाय के लोगों की आबादी अधिक है। इसके बाद भी पुलिस ने दूसरे समुदाय के 32 और पहले के 31 लोगों को शांतिभंग में पाबंद किया है। इसके एक वर्ग के पढ़ने लिखने वाले बच्चे भी है। ऐसे में पलायन करना मजबूरी है।