दिल्ली में फर्नीचर कारोबारी द्वारा खुदकुशी करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। तत्कालीन एसडीएम (वर्तमान में हापुड़ में तैनात) और सगे भाई-बहन समेत तीन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उत्तम नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। खुदकुशी करने से पहले कारोबारी ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी को संबोधित तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था। बावजूद इसके दिल्ली पुलिस और अमरोहा प्रशासन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद स्थानीय प्रशासन में खलबली मची हुई है।
मूलरूप से संभल जनपद के चमरान निवासी फर्नीचर कारोबारी जाबिर अली ने 13 अगस्त की सुबह अपने दिल्ली स्थित आवास पर गले में फंदा कसकर आत्महत्या कर ली थी। जाबिर ने मुख्यमंत्री को संबोधित तीन पेज की चिट्ठी छोड़ी थी। चिट्ठी में अमरोहा के एसडीएम तथा आला अफसरों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
बाद में मृतक जाबिर के भाई मोहम्मद आकिल की ओर से दिल्ली के उत्तम नगर थाने में तहरीर दी गई। जिसमें लिखा है कि जाबिर अली ने अमरोहा जिले के अम्हेड़ा में फैक्टरी लगाने के लिए जमीन खरीदी थी। गाटा संख्या 730 के रूप में दर्ज इस जमीन पर फैक्टरी का कार्य शुरू कर दिया था। इस बीच मुरादाबाद के बारादरी निवासी एक शख्स और गाजियाबाद निवासी उसकी बहन ने फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जे का प्रयास किया।
जमीन के दाखिल खारिज में अड़ंगा लगा दिया। जाबिर ने तत्कालीन एसडीएम और कमिश्नर के स्तर पर पैरवी कर अपने हक में दाखिल खारिज करवाया। लेकिन एसडीएम सदर ने मुरादाबाद के शख्स से नजदीकी रिश्ते निभाते हुए नियम विरुद्ध तरीके से भाई-बहन के पक्ष में आदेश पारित कर दिया। आरोप लगाया है कि एसडीएम विवेक यादव ने जाबिर से पांच लाख रुपये लिए थे, इसके बाद भी आदेश भाई-बहन के हक में कर दिया।
जाबिर के रकम वापस मांगने पर जेल भेजने की धमकी दी गई थी। इन हालात से टूटकर जाबिर ने जीने की आशा छोड़ दी और खुदकुशी कर ली। आरोपी एसडीएम और भाई-बहन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने 14 अगस्त को जोया में कारोबारी का शव रखकर जाम भी लगा दिया था। इस दौरान डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी पूनम ने प्रकरण में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था।
बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा परिजनों ने न्यायालय की शरण ली। मृतक कारोबारी के साले जलालुद्दीन के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर उत्तम नगर पुलिस ने एसडीएम विवेक यादव, मुरादाबाद के बारादरी निवासी सऊद और उसकी बहन साजिया निवासी कबीर नगर गाजियाबाद के खिलाफ आहत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने मदद नहीं की तो आदलत की शरण में जाना पड़ा।
सुसाइड नोट में लिखा था- ‘योगी जी कर्ज लेकर खरीदी थी जमीन, छोड़ना मत ऐसे बदमाशों को’
अमरोहा। फर्नीचर कारोबारी जाबिर अली ने खुदकुशी से पहले मुख्यमंत्री के नाम तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है। उसमें लिखा है कि अपने रिश्तेदारों और दूसरे लोगों से कर्ज लेकर जमीन खरीदी थी। बावजूद इसके उसकी जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो रहा था। लिखा है, अफसरों और भू माफिया की मिलीभगत ने उनकी पूरी प्लानिंग चौपट कर दी, जबकि वह लोगों को रोजगार देना चाहते थे। अंत में लिखा है कि मुख्यमंत्री जी ऐसे बदमाशों को छोड़ना मत, जो हम जैसे नौजवानों का गला घोंटते हैं। मुझे मुरादाबाद निवासी माफिया और गाजियाबाद निवासी उसकी बहन ने आत्महत्या करने पर मजबूर किया है। कारोबारी ने अपने नोट में बच्चों के लिए इंसाफ की मांग भी की थी।