मौसम में बदलाव के बाद भी बुखार का सितम बरकरार है। हर दिन बुखार लोगों की जान ले रहा है। अमरोहा के मोहल्ला मोती नगर निवासी शिक्षक सुरेश कुमार (46) की बुखार से मौत हो गई। वह मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती थे। वहीं, पीरगढ़ मोहल्ला में कबाड़ का काम करने वाले मेवाराम (55) ने भी बुखार के चलते दम तोड़ दिया।
बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद भी जिला अस्पताल के जनरल व इमरजेंसी वार्ड फुल रहे। दोनों वार्ड में 92 मरीज भर्ती थे। हर दिन की तरह एक-एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती थे। मरीज अधिक होने से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती नजर आ रही हैं। अलग से व्यवस्था न होने के चलते मरीज बेहाल हो रहे हैं। जबकि, डेंगू वार्ड में भी 17 मरीजों का इलाज चल रहा है।
आदमपुर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गांव गारबपुर में बुखार से प्रधान समेत पचास से अधिक लोग बीमार है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। हसनपुर ब्लॉक के गांव गारबपुर में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
निजी चिकित्सकों के यहां उपचार के लिए मरीजों की भीड़ लगी हुई है। गांव में अतुल शर्मा, सतपाल, कमलेश, हरीराज, सरोज, यश, शनि, धर्मपाल पुर्व प्रधान, विजय सिंह, कोशिंदर, शोभा, रूपराम, काजल, मिंटू, मनवीर, शकील, प्यारे, सुनीता, भगवती, रनवीर, ग्राम प्रधान राजवीर सिंह आदि लोग बीमार हैं।
सभी का उपचार ढबारसी में स्थित अलग अलग निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव फैली बीमारी को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। सीएचसी हसनपुर के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि गांव गारबपुर में बुखार फैलने की जानकारी नहीं है।
यदि ऐसा है तो गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण कराया जाएगा। रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीम किसी ना किसी गांव में कैंप लगाकर दवाओं का वितरण कर रही है। लोगों को सोने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा जा रहा है।