गांव सुतारी निवासी ओमवीर ने 30 वर्षीय पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा के दौरान सोमवार की रात 9 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था। जबकि सुबह 6 बजे उसने बेटे को जन्म दिया। लेकिन डिलीवरी के कुछ मिनट बाद उसकी भी मौत हो गई। इसके अलावा गांव झोंटना निवासी बंटी ने 22 वर्षीय पत्नी रिंकी को सोमवार की रात 11 बजे प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में भर्ती कराया। जिसके बाद करीब 3 बजे प्रसव के दौरान बेटा पैदा हुआ।
आनन-फानन में नवजात को गंभीर हालत में उसे रेफर किया गया। लेकिन निजी अस्पताल में उसकी भी मौत हो गई। प्रसव के बाद चार बच्चों की मौत की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य महकमे के अफसरों में खलबली मच गई।
सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मरने वाले चार नवजात में से तीन बच्चों के परिजनों ने अस्पताल में प्रसव के दौरान चिकित्सक व स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है।