अमरोहा। जिले में लगातार बढ़ते डेंगू मरीजों के बीच चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। अस्पतालों में पहुंचने वाले बुखार के मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में चिकनगुनिया के पांच संदिग्ध मरीज इलाज के लिए पहुंचे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग भी चिकनगुनिया को लेकर सतर्क हो गया है।
रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में खांसी, जुखाम, बुखार और सिर दर्द के मरीज पहुंचे। चिकनगुनिया के पांच संदिग्ध मरीजों को भी दवा दी गई। अस्पतालों में अधिक भीड़ ज्यादा होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई डॉक्टर भी ओपीडी से नदारद रहे। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों को डॉक्टर के परामर्श के बाद दवा मिल सकी।
रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी में 1200 मरीज पहुंचे। अस्पताल में भीड़ अधिक के कारण लोगों को पंजीकरण और जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ा। बुखार आने के बाद लोगों के पैर और हाथों में दर्द, सूजन आ रही है। बुखार आने पर मरीज को ठीक होने में पंद्रह दिन तक लग रहे हैं और इसके बाद भी दर्द पूरी तरह नहीं जा रहा है।
10 डेंगू आशंकित मरीजों की कराई गई जांच
डॉक्टरों की सलाह पर डेंगू आशंकित 10 मरीजों की जांच कराई गई। सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि जनरल वार्ड में बुखार के सात और डेंगू के तीन मरीजों का इलाज चल रहा है। सभी की सेहत में सुधार है। इस समय अस्पताल में पहुंचे वाले बुखार के मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया देने वाला मच्छर एक ही है, इसका नाम है एडीज इजिप्टी। यह मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और अमूमन दिन में ही काटता है, लेकिन कमरे में अधिक रोशनी होने पर रात में भी काट सकता है। एडीज मच्छर का लार्वा पनपने से रोककर लोगों को चिकनगुनिया की चपेट में आने बचाया जा सकता है।
बरतें एहतियात
- घर या आसपास पानी नहीं जमा होने दें।
- कूलर का पानी हर सप्ताह बदल दें।
- गमलों और गड्डों में पानी जमा नहीं होने दें।
- फॉगिंग कराकर एडीज मच्छर से बचें।
- हाथ-पैर को ढककर रखें, जिससे मच्छर न काटें।