गजरौला के गुलालपुर में नौ अक्तूबर की रात फार्म हाउस मालिक मेरठ निवासी अनिरुद्ध और नौकर रतनपाल भाटी की निर्ममता से हत्या कर दी गई था। बदमाश तीसरे व्यक्ति जीतपाल को मरणासन्न हालत में छोड़ गए थे। उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गजरौला के गुलालपुर के जंगल में दोहरे हत्याकांड के दौरान जिंदा बचे नौकर जीतपाल को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वह घर आ गया है। पुलिस का कहना है कि अशोक की गिरफ्तारी के बाद नौकर से भी पूछताछ की जाएगी। गुलालपुर के जंगल में नौ अक्तूबर की रात गौतमबुद्ध नगर के बोड़ाकी निवासी रतनपाल भाटी व मेरठ के सीना गांव निवासी अनिरुद्ध की हत्या कर दी गई।
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बदमाशों ने बलकटी और नल के हत्थे से वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश हापुड़ के नया गांव निवासी और फार्म हाउस के नौकर जीतपाल को मरणासन्न हालत में छोड़ गए थे। उसे मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर उसका उपचार चला। अब उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
जिसके चलते वह घर आ गया है। पुलिस ने उससे पूछताछ की। अशोक की गिरफ्तारी होने पर भी पुलिस उससे पूछताछ करेगी। फार्म हाउस कब्जाने के चक्कर में हुई रतनपाल भाटी व अनिरुद्ध की हत्या में शामिल रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने गुत्थी को भले ही सुलझा लिया।
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मगर पुलिस की जांच अब भी कई बिंदुओं पर चल रही है। पुलिस यह मान रही है कि गंगा पार के जंगल में हजारों बीघे जमीन पर कब्जे को लेकर वर्चस्व की जंग में लेखपाल और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सांठगांठ के बिना कोई जमीन पर कब्जा कैसे कर सकता है।
जबकि गजरौला क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इसी तरह पुलिस को सुराग मिला है कि लेखपाल मोटी रकम लेकर दबंग प्रवृत्ति के लोगों को जमीन नाप कर दे देते हैं। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि दोहरे हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही लेखपाल ने जमीन की पैमाइश की थी।
मगर उसने शांति व्यवस्था के लिए पुलिस को नहीं बुलाया था। जबकि जंगल में जमीन को लेकर आए दिन विवाद होते हैं। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। लेखपालों की भूमिका को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इस पर भी जांच होगी।