अमरोहा में बृहस्पतिवार को दो बच्चों की हत्या कर दी गई। इसके बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। जान गंवाने वाले चिराग के पिता राजू और मां खेमवती गांव में किराये की दुकान में सिलाई का काम करते हैं। चिराग गांव के ही स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था, जबकि उसकी बहन कोमल और छोटा भाई जय भी उसी स्कूल में पढ़ते थे। बुधवार को तीनों भाई बहन में कोई भी स्कूल नहीं गया था।
लिहाजा राजू अपनी बेटी कोमल के साथ खेत पर काम करने चले गए थे। मां खेमवती के मुताबिक सुबह करीब नौ बजे चिराग अपने छोटे भाई जय के साथ पिता और बहन का खाना लेकर गया था। जिसके बाद करीब साढ़े दस बजे दोनों भाई गांव वापस आकर अपनी मां के पास दुकान पर चले गए थे। इस दौरान जय अपनी मां के पास दुकान में सो गया, जबकि चिराग घर आ गया था। करीब 11:30 उसकी बहन कोमल भी घर आ गई।
केतवाली पंडकी गांव में धर्मशाला के पास दिवंगत गनेशी का परिवार रहता है। उनकी पत्नी शीला अपने दो बेटे विशाल और मोहित के साथ रहती हैं। रोज की तरह मंगलवार की सुबह छह बजे शीला देवी अपने दोनों बेटों के साथ खेत पर चली गई थीं। जिसके बाद शाम पांच बजे उनका बेटा विशाल घर से फसल पर दवाई स्प्रे करने वाली मशीन लेने पहुंचा। इस दौरान जैसे ही विशाल ने अपने घर का दरवाजा खोला तो भीतर माहिर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।
परिजनों ने बताया कि माहिर आठ दिन पहले भी शीला के घर के दरवाजे पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था। इस दौरान परिवार के लोगों ने चेहरे पर पानी डालकर उसे होश में लेकर आए और ये समझा कि उसे दौरा पड़ा है। फिलहाल माहिर के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही माहिर की हत्या का राज खुलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई। उसके चेहरे पर चोट के शान कैसे हैं।