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दो बच्चों की हत्या मामला: पिता को खाना देकर लौटा था चिराग, माहिर के शरीर पर भी मिले गंभीर जख्म

Fri, 10 May 2024 12:27 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

केतवाली पंडकी गांव में दो बच्चों की हत्या कर दी गई थी। दोनों का शव एक जैसी स्थिति में मिला था। पुलिस मामले की जांच कर ही है। इसके अलावा परिजन कुछ और ही इशारा कर रहे हैं।  
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अमरोहा में दो बच्चों की हत्या - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरोहा में बृहस्पतिवार को दो बच्चों की हत्या कर दी गई। इसके बाद गांव में हड़कंप मचा हुआ है। जान गंवाने वाले चिराग के पिता राजू और मां खेमवती गांव में किराये की दुकान में सिलाई का काम करते हैं। चिराग गांव के ही स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था, जबकि उसकी बहन कोमल और छोटा भाई जय भी उसी स्कूल में पढ़ते थे। बुधवार को तीनों भाई बहन में कोई भी स्कूल नहीं गया था।

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लिहाजा राजू अपनी बेटी कोमल के साथ खेत पर काम करने चले गए थे। मां खेमवती के मुताबिक सुबह करीब नौ बजे चिराग अपने छोटे भाई जय के साथ पिता और बहन का खाना लेकर गया था। जिसके बाद करीब साढ़े दस बजे दोनों भाई गांव वापस आकर अपनी मां के पास दुकान पर चले गए थे। इस दौरान जय अपनी मां के पास दुकान में सो गया, जबकि चिराग घर आ गया था। करीब 11:30 उसकी बहन कोमल भी घर आ गई।

इस दौरान जैसे ही कोमल घर पहुंचकर झाड़ू लगाने लगी, तभी घर में ही दीवार और ईंटों के ढेर के बीच चिराग के पैर दिखाई दिए। कोमल ने जाकर देखा तो चिराग अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। तुरंत ही उसने शोर मचा दिया। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

इस दौरान चिराग के चेहरे पर चोट के निशान थे, जबकि गले पर रस्सी से गला घोंटने जैसा निशान बना हुआ था। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और चिराग के शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसके गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई है।

सवाल: बंद घर के दरवाजे में कैसे घुसा माहिर 

केतवाली पंडकी गांव में धर्मशाला के पास दिवंगत गनेशी का परिवार रहता है। उनकी पत्नी शीला अपने दो बेटे विशाल और मोहित के साथ रहती हैं। रोज की तरह मंगलवार की सुबह छह बजे शीला देवी अपने दोनों बेटों के साथ खेत पर चली गई थीं। जिसके बाद शाम पांच बजे उनका बेटा विशाल घर से फसल पर दवाई स्प्रे करने वाली मशीन लेने पहुंचा। इस दौरान जैसे ही विशाल ने अपने घर का दरवाजा खोला तो भीतर माहिर अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।

बच्चे को देखकर विशाल घबरा गया और उसने तुरंत शोर मचा दिया। दोपहर से लेकर माहिर की तलाश कर रहे परिजन मौके पर पहुंच गए और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन बड़ी बात ये है कि शीला देवी के घर का मुख्य दरवाजा लोहे का है, लेकिन दरवाजे का कुछ हिस्सा गल गया है। जिसे कपड़े से बंद कर रखा है। ऐसे में चार साल का माहिर बंद घर में कैसे घुसा। 
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आठ दिन पहले शीला के घर के पास मिला था बेहोश

परिजनों ने बताया कि माहिर आठ दिन पहले भी शीला के घर के दरवाजे पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था। इस दौरान परिवार के लोगों ने चेहरे पर पानी डालकर उसे होश में लेकर आए और ये समझा कि उसे दौरा पड़ा है। फिलहाल माहिर के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही माहिर की हत्या का राज खुलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई। उसके चेहरे पर चोट के शान कैसे हैं।

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