अमरोहा। शहरों में पीएम आवास का सर्वे और डीपीआर तैयार करने में मानक की अनदेेखी कंसल्टेंसी एजेंसी को महंगी पड़ गई है। मिशन निदेशक ने डीपीआर के सापेक्ष 39 प्रतिशत यानी 3,384 अपात्र मिलने पर कंपनी की सेवा समाप्त करने के साथ उसे ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया है। उन्होंने कंपनी को जिले में कोई दूसरा काम नहीं मिलेगा। नई कंसल्टेंसी एजेंसी का चयन शासन से तय हो सकता है।
राज्य नगरीय विकास अभिकरण की मिशन निदेशक यशु रुस्तगी ने जिले के पीएम आवासों के डीपीआर और उसके सापेक्ष पात्रता की पड़ताल कराई तो मनमानी सामने आ गई है। रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज के अवर अभियंता और सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद जिले के आठ नगरीय निकायों के कुल 8,736 डीपीआर तैयार कराई गई थी। हालांकि पड़ताल के बाद 3,384 अपात्र मिले। इसके चलते कुल 5,352 अभ्यर्थी पात्र मिले। डीपीआर के सापेेक्ष अपात्रों का प्रतिशत 39 मिलने पर मिशन निदेशक यशु रुस्तगी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कंसल्टेंसी एजेंसी की सेवा समाप्त कर दी। इसके साथ ही जिले में आगे सभी कार्य के लिए रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। अब इस कंपनी से कोई काम नहीं कराया जाएगा।
निकाय-----------------अपात्र
जोया-------------------98
उझारी----------------134
नौगांवा सादात------142
बछरायूं--------------220
हसनपुर-------------499
गजरौला------------585
अमरोहा------------1,575
पीएम आवास शहरी के पात्रों के चयन और डीपीआर तैयार करने के लिए कंपनी का चयन शासन स्तर से होगा। मुख्यालय से निर्देेश मिलने पर उसके अनुसार काम किया जाएगा। ऋषिपाल सिंह, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण
सभी अपात्रों के नाम सूची से बाहर, नहीं मिलेगा लाभ
अमरोहा। जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि मुख्यालय को सूची भेजी जाती है। अपात्रों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। इन लोगों को पीएम आवास शहरी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि यहां से सूची भेजी गई थी जांच परख के बाद यह लोग अपात्र मिले है। ऐसे में इन लोगों को सूची से बाहर कर दिया गया है।