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लक्ष्य के सापेक्ष केवल 13 फीसदी ने ली वैक्सीन की एहतियाती खुराक

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अमरोहा। जनपद में फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ बुजुर्गों को कोरोना की बूस्टर डोज लगाई जा रही है। बूस्टर डोज लेने से बुजुर्ग पीछे हट रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। अब बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाने जा रहा है। बूस्टर डोज लगाने के लिए जिले के 1.82 लाख लोगों को चिह्नित किया गया है। जबकि अभी तक महज तेरह फीसदी ने ही बूस्टर डोज लगवाई है।
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गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर डोज लगाने की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 18 से 59 और इससे ज्यादा आयु वर्ग के कुल 182437 लोगों को एहतियाती खुराक लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें हेल्थ केयर- फ्रंटलाइन कर्मचारी, गंभीर बीमारियों के मरीज और 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को शामिल किया गया है। लेकिन एक बार फिर दिल्ली एनसीआर समेत देशभर में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों समेत अमरोहा में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की बूस्टर डोज लगाने की रफ्तार की गिरती जा रही है। तय लक्ष्य के मुकाबले जिले में अब तक महज 23370 लोगों को ही एहतियाती खुराक लगी है। यानी जिले में केवल 13 फीसदी ने ही बूस्टर डोज ली है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ राजकुमार ने बताया कि बूस्टर डोज की संख्या बढ़ाने के लिए टीमों को घर-घर भेजकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसमें समाज के संभ्रांत लोगों व धर्म गुरुओं की भी मदद ली जा रही है। लक्ष्य को पाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यह है बूस्टर डोज लेने वालों की संख्या नहीं बढ़ने का कारण
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ कुमार ने बताया कि बूस्टर डोज लेने वालों की संख्या में कमी आने के कई कारण हैं। जनपद में केवल हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन कर्मचारी और साठ साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ही सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगाई जा रही है। 18 से 59 साल वालों को बूस्टर डोज प्राइवेट अस्पतालों में लगाई जानी है। लेकिन अमरोहा के किसी भी प्राइवेट अस्पताल में कोरोना रोधी टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। कुछ दिन पहले तक मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में बूस्टर डोज लगाई जा रही थी, जानकारी मिली है कि अब वहां भी टीकाकरण बंद कर दिया गया है।
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