जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी ने अमृत सरोवरों के विकास को लेकर विकास खंड वार प्रगति में पिछड़ने पर खंड विकास अधिकारी धनौरा, हसनपुर को प्रतिकूल प्रविष्टि और विभागीय कार्रवाई करने के लिए सीडीओ को निर्देश दिए है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने के आदेश एडीएम को दिए है।
वह सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में अमृत सरोवरों के विकास को लेकर विकास खंड वार समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास द्वारा दी गई सूची में निहित बिन्दुओं के अनुसार अमृत सरोवर की जिओ टैगिंग, पोर्टल की फीडिंग, खुदाई का कार्य, मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार दिए जाने की संख्या के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान प्रगति में पिछड़ने पर खंड विकास अधिकारी धनौरा, हसनपुर पर लापरवाही किए जाने पर नाराजगी जताई। कड़ी फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए। साथ ही कार्रवाई के लिए पत्र का प्रस्ताव तैयार करने के लिए एडीएम को निर्देशित किया।
कहा कि विकासखंड वार जितने भी अमृत सरोवर के रूप में चिन्हित किए गए हैं, उनकी सूची पोर्टल पर अपलोड की जाए। कोई भी अमृत सरोवर एक एकड़ क्षेत्रफल से कम नहीं होना चाहिए। यह विशेष ध्यान दिया जाए। कहा कि अमृत सरोवरों में मनरेगा से कार्य कराया जाए। मनरेगा के तहत कितने मजदूरों को काम दिया गया, उसकी सूची उपलब्ध कराई जाए।
अमृत सरोवर में पानी रहे। बैठने के लिए स्थान के पास पेड़, लाइट से सुंदरीकृत किया जाना आदि वर्तमान स्ट्रक्चर बनने के बाद कैसे दिख रहा है, पूरा प्लान बना कर तीन दिन के अंदर सूची उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। यह शासन की प्राथमिकताओं में है। इस अवसर पर सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल, एडीएम भगवान शरण, उप जिला अधिकारी धनौरा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय अग्रवाल, सभी खण्ड विकास अधिकारी आदि मौजूद रहे।