आखिरकार परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के जिम्मेदारों की नींद टूट गई है। शुक्रवार को जिम्मेदार सड़कों पर उतरे और अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान सात अनफिट वाहन पकड़े गए। एआरटीओ ने दो स्कूली वाहनों को सीज कर दिया जबकि पांच का चालान किया है।
टीम ने कई स्कूलों का भी दौरा किया, यह स्कूल वह हैं जो अपने स्कूल का ट्रांसपोर्ट होने से इनकार करते थे। इतना ही नहीं शनिवार को डीएम निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में स्कूली वाहनों के लिए जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक होगी। जिसमें जिलेभर के स्कूल संचालकों को बुलाया गया है। अफसरों की कार्रवाई से साफ है कि स्कूल संचालकों की मनमानी पर लगाम लग सकती है।
मालूम रहे की 18 जुलाई की सुबह करीब सात बजे गजरौला-हसनपुर रोड पर स्कूली वैन और पिकअप की भिड़ंत हो गई थी। जिसमें सहसोली गांव में संचालित आईपीएस इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा अनाया व शिक्षिका निशा की मौत हो गई थी जबकि 13 बच्चे और एक शिक्षिका घायल हो गई थी।
प्रकरण को गंभीरता से लेकर अमर उजाला ने जोखिम भरा सफर अभियान चलाया है। इसमें जिम्मेदार की उदासीनता को उजागर किया। अमर उजाला द्वारा चलाए अभियान को गंभीरता से लेकर एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा, पीटीओ सुधीर कुमार, टीएसआई अनुज मलिक शुक्रवार की सुबह सड़कों पर उतर आए। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूली वाहनों को चेक किया।
60 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला
एआरटीओ महेश शर्मा ने बताया कि बारिश के कारण बड़े स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। फिर भी टीम ने अनफिट सात वाहनों पर कार्रवाई की है। जिसमें दो वाहनों को सीज किया गया जबकि पांच वाहनों के करीब 60 हजार रुपये के चालान काटे हैं। इसके अलावा कार्रवाई के डर से स्कूल संचालकों ने चार वाहनों की फिटनेस कराई है। इससे पहले बृहस्पतिवार को भी चार स्कूलों वाहनों की फिटनेस कराई गई थी। उन्होंने बताया कि अब अनफिट और खटारा वाहन के हादसे होने पर स्कूल प्रबंधक और प्रिंसिपल जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में शासन निर्देश जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में चार बजे बैठक होगी, जिसमें जिले भर के स्कूल संचालक शामिल होंगे।