अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की कक्षा दस में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बेटी को करीब दो महीने से स्कूल में पढ़ाने वाला संविदा शिक्षक विवेक चीमा परेशान कर रहा था। पीड़िता और अन्य दो छात्राओं ने शिक्षक की शिकायत कक्षा अध्यापिका से की थी।
अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के एक गांव में इंटर कॉलेज में शिक्षक के उत्पीड़न से आहत 10वीं की छात्रा आवाज और याददाश्त खो बैठी। कई दिन तक मुरादाबाद में उपचार के दौरान छात्रा को होश आया तो उसने आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ छेड़खानी, हत्या की कोशिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कॉलेज प्रबंधन ने भी आरोपी शिक्षक को निष्कासित कर दिया।
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गांव निवासी किसान की कक्षा दस में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बेटी को करीब दो महीने से स्कूल में पढ़ाने वाला संविदा शिक्षक विवेक चीमा परेशान कर रहा था। वह अन्य छात्राओं के साथ छेड़खानी करता है। पीड़िता और अन्य दो छात्राओं ने शिक्षक की शिकायत कक्षा अध्यापिका से की। कक्षा अध्यापिका ने छात्राओं को साथ ले जाकर प्रधानाचार्य को पूरे मामले के बारे में बताया।
लिहाजा प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक विवेक चीमा को फटकारा और दंडित किया। जिससे नाराज होकर 19 अप्रैल को आरोपी शिक्षक ने धोखे से छात्रा को स्कूल के पीछे बुलाकर छेड़खानी की और जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया। जिससे छात्रा की आवाज चली गई। छुट्टी के बाद छात्रा बदहवास अवस्था में घर पहुंची तो वह कुछ बोल नहीं पा रही थी।