फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: अमेरिका-इस्राइल के खिलाफ निकाला जुलूस, या हुसैन की गूंजीं सदाएं

विज्ञापन
ईरान पर हमले में खामनेई की मौत के विरोध में अमरोहा में जुलूस निकालते ​शिया समुदाय के लोग। स्रोत
विज्ञापन
अमरोहा/नौगावां सादत। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद शहर में विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला रविवार देर रात और सोमवार को भी जारी रहा। गुस्साए लोगों ने विभिन्न मोहल्लों से जुलूस निकालते हुए अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फिजा में लब्बैक या हुसैन-लब्बैक या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं।
विज्ञापन

रविवार सुबह ईरानी सरकार की ओर से खामनेई मौत की पुष्टि होते ही शहर में लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। मस्जिदों और इमामबाड़ों में जुटे लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराया। शाम को इफ्तार के समय कुछ देर के लिए माहौल शांत रहा, लेकिन ईशा की नमाज के बाद फिर से जुलूस निकलने शुरू हो गए। गुजरी, दानिशमंदान, हक्कानी और बड़ा दरबार समेत कई इलाकों से निकले जुलूस मुख्य मार्गों से गुजरते रहे।
प्रदर्शनकारियों ने खामनेई के पोस्टर हाथों में लेकर नारे लगाए और दोनों देशों के झंडों व नेताओं के चित्र जलाकर आक्रोश जताया। शहर के कई इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन भी किया गया, जहां उलेमाओं ने लोगों से सब्र बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शहादत कुर्बानी और संघर्ष की परंपरा का हिस्सा है और इसे व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उधर, नौगावां सादात में हफ्ता बाजार और हुसैनी चौक पर लोगों ने एकत्र होकर कैंडल मार्च निकाला और श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विज्ञापन

विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए प्रदेश सरकार की एडवाइजरी के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और शहरभर में निगरानी बढ़ा दी गई है। सोमवार को अमरोहा शहर में हसन नकवी के नेतृत्व में आईएम इंटर कॉलेज से गांधी मूर्ति चौराहे तक पैदल कैंडल मार्च निकाला गया। इसके अलावा मोहल्ला सट्टी इमाबाड़ा से कैंडल मार्च निकाला गया, जो मोहल्ला हक्कानी, नौबत खाना होते हुए वापस काजीजादा स्थित चांद सूरज इमामबाड़े पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें