कोतवाली क्षेत्र के गांव दीपपुर में जंगल में घास काट रही महिला पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। महिला को बुरी तरह से नोच-नोच कर मार डाला। शोरशराबा सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने कुत्तों को दौड़ाया। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना से नाराज लोगों ने शव हसनपुर गजरौला मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
क्षेत्र के गांव दीपपुर में सतवीर सिंह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। घर पर पशु भी पाले जाते हैं। 40 वर्षीय पत्नी राजवती रोजाना की तरह गांव की अन्य महिलाओं के साथ बुधवार सुबह को जंगल में पशुओं के लिए घास काटने गई थी। सुबह 11:30 बजे राजवती अन्य महिलाओं से कुछ दूरी पर घास काट रही थी। इस दौरान करीब 12 से 15 आवारा कुत्तों के झुंड ने महिला पर हमला कर दिया। जिससे महिला की चीख निकल गई। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर अन्य महिलाओं ने कुत्तों को भगाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो पाई। जानकारी मिलने पर गांव के अन्य लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और उन्होंने कुत्तों को काफी दूर तक दौड़ाया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। नाराज लोग शव कब्जे में लेकर गजरौला हसनपुर मार्ग पर दीपपुर गेट के सामने पहुंच गए। मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। कुत्तों को पकड़वाने की मांग की गई। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। एसडीएम सुधीर कुमार और सीओ सतीशचंद पांडेय के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोल दिया। बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली निरीक्षक अरविंद त्यागी का कहना है कि कुत्तों के हमले में मारी गई महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
क्षेत्र के गांव दीपपुर के जंगल में कुत्तों के हमले में मारी गई राजवती के साथ सुबह में मोहल्ले की ही सोनम, ममता, विमला और प्रवेश भी घास काटने के लिए गई थी। जब कुत्तों ने राजवती पर हमला किया। तो अन्य महिलाओं ने पहले तो कुत्तों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन कुत्तों की संख्या अधिक होने की वजह से महिलाएं सहम गईं। महिलाओं ने पेड़ पर चढ़कर जान बचाई। काफी देर बाद शोर शराब सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों कुत्तों को भगाया।