अमरोहा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर जिला पंचायत राज विभाग ने सख्ती दिखाई है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने सभी एडीओ पंचायतों को दोबारा पत्र जारी कर ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि जहां कोई नया विकास कार्य प्रस्तावित नहीं है, वहां सचिव और प्रशासक से इसका प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा।
26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन ने प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों से विकास कार्यों के प्रस्ताव विभाग को नहीं मिले हैं, जिससे नए कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पंचायत राज विभाग की ओर से पहले भी कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित प्रस्ताव नहीं पहुंचे हैं। अब तक केवल अमरोहा और गजरौला ब्लॉक से ही प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
डीपीआरओ की ओर से 14 जुलाई को जारी पत्र में सभी एडीओ पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि वे प्राप्त होने वाले प्रस्तावों का स्वयं परीक्षण करने के बाद ही मुख्यालय भेजें। जिन ग्राम पंचायतों से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता, वहां सचिव और प्रशासक से यह प्रमाण पत्र लिया जाए कि गांव में कोई विकास कार्य प्रस्तावित नहीं है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रमाणपत्र देने के बाद यदि विकास कार्य का प्रस्ताव भेजा जाता है तो संबंधित सचिव और प्रशासक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एडीपीआरओ विमल कुमार ने कहा कि सभी ग्राम पंचायत अपने प्रस्ताव दे दें। जिनकी ग्राम पंचायत में विकास कार्य प्रस्तावित नहीं हैं, वह प्रमाणपत्र दें।