निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत छह से 14 आयु वर्ग के सभी बच्चाें को निशुल्क शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार है। लेकिन, कई कारणों से बच्चों को बीच में ही प्रारंभिक शिक्षा को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शारदा अभियान चलाया जाता है।
इसके तहत स्कूली शिक्षा से दूर हुए बच्चों को वापस स्कूल में प्रवेश दिलाया जाता है। जहां रेमेडियल टीचिंग के माध्यम से बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाता है। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले शैक्षिक सत्र में बीच में शिक्षा छोड़ चुके 3500 बच्चों का प्रवेश कराया गया था। वहीं इस शैक्षिक सत्र में भी अभी तक करीब 100 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है।