अच्छे उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठे आम कारोबारियों-किसानों की उम्मीदों पर मौसम के बिगड़े मिजाज ने पानी फेर दिया। सोमवार शाम को आई आंधी में छोटे-छोटे कच्चे आम पेड़ों से गिर गए। इससे बागों में कच्चे आम के ढेर लग गए। करीब 25 फीसदी आम गिरने से खराब हो गया। छोटा होने की वजह से इन आमों को खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। आम कारोबारियों और किसानों को बाजार में औने पौने दाम में इसे बेचना पड़ रहा है। इससे कारोबारियों-किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
अमरोहा जनपद में बड़े पैमाने पर आम की बागवानी की जाती है। अमरोहा का आम जनपद के अलावा विदेशों में भेजा जाता है। ऑन डिमांड विदेशों को आम की सप्लाई की जाती है। इस बार आम की बंपर पैदावार की उम्मीद है, लेकिन सोमवार की शाम मौसम के बिगड़े मिजाज ने उत्पादकों को भयभीत कर दिया है। इसी तरह मौसम के तेवर खराब रहे तो आम का सही सलामत बाजार में पहुंचाया जाना मुश्किल होगा। फिलहाल, आंधी ने पेड़ों से काफी अमिया और छोटे आम गिरा दिए हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान बताया जा रहा है। आम कारोबारी धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस बार पेड़ों पर बोर अच्छा आया था। लेकिन अचानक सभी झड़ गया। पेड़ों पर बहुत कम आम बचा है। लेकिन लगातार आंधी से आम को काफी नुकसान हो रहा है। सोमवार की रात भी कच्चा आम पेड़ों से झड़ गया। उनका कहना है कि अभी आम छोटा होने से आम का पाल नहीं लगाया जा सकता है। अचार आदि में भी आम का प्रयोग नहीं हो पाएगा। क्योंकि पेड़ से जमीन पर गिरने से यह आम खराब हो जाता है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया इस समय आम के लिए आंधी बेहद नुकसान दायक है। आंधी से करीब 25 फीसदी नुकसान का अनुमान है।