सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। ग्रामीण योजना के प्रति रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
धनौरा विकास खंड में 120 संयंत्र के लक्ष्य के सापेक्ष में अभी तक एक भी सौर ऊर्जा संयंत्र नहीं लग पाया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पांच लोगों ने योजना के तहत आवेदन किया है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि संयंत्र की लागत अधिक है।
सौर ऊर्जा का अधिक प्रयोग करने के लिए सरकार की ओर से पीएम सूर्य घर योजना शुरू की गई है। इसमें एक किलोवाट के संयंत्र की लागत 60 हजार रुपये है। सरकार की ओर से सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर एक किलोवाट पर 36 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है, लेकिन अनुदान की राशि बाद में मिलने व बिजली के लोड के बराबर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति मिलने की वजह से ग्रामीण इसमें रूचि नहीं ले रहे हैं। एक ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि जिस ग्रामीण के पास जितने किलोवाट का बिजली कनेक्शन होगा। उसको उतने ही किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति मिलेगी।
ग्रामीण बिजली का लोड बढ़ाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि विकास खंड के 120 संयंत्र के लक्ष्य के सापेक्ष में अभी तक एक भी संयत्र स्वीकृत नहीं हुआ है। मंगलवार को विकास खंड के सभागार में पीएम सूर्य घर योजना में लोगों को संयंत्र लगाने में जागरूक करने के लिए पंचायत सहायकों की बैठक बुलाई गई।
- पंचायत सहायकों से पीएम सूर्य घर योजना के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने पर जोर दिया गया। पीएम सूर्य घर योजना लोगों के हित में हैं। इसके लिए सचिव व पंचायत सहायकों को लक्ष्य के सापेक्ष में संयंत्र लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
- रामचंद्र सिंह, एडीओ पंचायत