अमेठी सिटी। भीषण गर्मी के बीच रविवार को अचानक तेज हवा संग बारिश के साथ कहीं ओले गिरे, तो कहीं बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया। तेज हवाओं के दाैरान जगह-जगह सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। हालांकि बारिश सूख रही फसलों पर संजीवनी बनकर बरसी। उधर संग्रामपुर के नारायनपुर गांव में तेज आंधी के चलते पीपल की डाल टिनशेड पर गिरने से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उसका बेटा व नातिन भी घायल हो गए।
रविवार सुबह से ही आसमान मेें बादल छाए रहे। दोपहर करीब दो बजे के बाद मौसम का मिजाज बदला। तेज हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम करीब छह बजे तक कहीं तेज बारिश तो कहीं रिमझिम होती रही। गौरीगंज, अमेठी, संग्रामपुर, जामों, भादर, जगदीशपुर सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, संग्रामपुर में बहुत मामूली ओले भी पड़े। संग्रामपुर के नारायनपुर गांव निवासी मन्ना मौर्य (65) टिनशेड के नीचे रखी चारपाई पर बैठी थी।
छोटा बेटा प्रदीप मौर्य (42) और प्रदीप की बेटी अंकिता (20) भी वहीं मौजूद थे। रविवार शाम आई तेज आंधी में घर के सामने मौजूद पीपल के पेड़ की भारी भरकम डाल टिनशेड पर गिर गई, जिसके नीचे दोनों दब गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया। घटना में मन्ना मौर्य की मौत हो गई। प्रदीप व बेटी अंकिता घटना में घायल हो गए।
इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि सूचना मिली है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। मौके पर लेखपाल को भेजा गया है। पीड़ित परिजनों को दिलाई जाएगी।
पेडा गिरने से आवागमन बाधित
तेज आंधी के कारण संग्रामपुर-लोहिया नगर मार्ग स्थित भुलई का पुरवा, नारायनपुर गांव के पास कई पेड़ मार्ग पर गिर गए। वहीं, अन्य क्षेत्र में भी तेज हवा के कारण सड़क पर पेड़ गिर गए। जिसके चलते आवागमन बाधित हो गए। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेजहवा के चलते विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। ऐसे में लोगों को गर्मी के कारण परेशानी उठानी पड़ी। तेज हवा व बारिश बंद होने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। जहां लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी, मौसम सही होने के बाद ऊर्जा निगम के कर्मी आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास में जुटे दिखाई पड़े।
फसलों को पहुंचा फायदा
कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद तेज हवा व बारिश होने से लोगों को गर्मी से निजात मिली। वहीं, किसानों को भी राहत मिली। सूख रही धान की नर्सरी से लेकर दलहनी, तिलहनी फसलों व हरे चारे की फसल को बारिश ने फायदा पहुंचाया है। पंकज सिंह, रामफेर यादव, अरुण कुमार सहित अन्य किसानों ने कहा कि इससे फसलों को संजीवनी मिल गई है। वहीं, गांव व शहर में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से जल भराव की परेशानी से लोगों को जूझना पड़ा।