अमेठी सिटी। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने जिले के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सचेत किया है। फुटकर विक्रेता किसानों को जोत व बोई गई फसल के आधार पर ही उर्वरक की बिक्री करेंगे।
एक किसान को 10 बोरी से ज्यादा उर्वरक बिक्री करने पर संबंधित किसान का सत्यापन कराया जाएगा। किसान के पास 10 बोरी के अनुसार भूमि व फसल उपलब्ध नहीं मिली या उसने उर्वरक नहीं ली है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि बटाईदार उर्वरक लेता है तो उसे खेत मालिक का आधारकार्ड देना होगा।
विक्रेता पीओएस मशीन में खेत मालिक का आधार कार्ड नंबर व नाम की एंट्री करने के साथ बटाईदार से रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर यूरिया, डीएपी उर्वरक देगा। कहा कि अगर बटाईदार के नाम पर अनुदानित उर्वरक विक्रेता खारिज करता है या उर्वरकों को अन्य प्रयोजन से गलत तरीके से वितरण करने का मामला आता है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।