भादर (अमेठी)। रेलवे ट्रैक पर अंडरपास नहीं होने से स्थानीय विकास खंड के दर्जनों गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज बाइक, साइकिल सवार व पैदल यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने को मजबूर हैं। चार पहिया वाहन चालकों को करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए चार से पांच किलोमीटर से दूरी अलग से तय करनी पड़ती है।
प्रयागराज-अयोध्या रेलखंड पर पीपरपुर रेलवे स्टेशन के पास मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत भरी है। अयोध्या से प्रयागराज हाईवे पर स्थित नरायनपुर से बिसानी, खानापुर, अलहदादपुर, कुतुबपुर, कतकौली, लहना व मोचवा होते हुए दर्जनों गांव के लोग पिच मार्ग तक जाने के लिए उक्त ट्रैक को पार करते हैं।
इन दर्जनों गांव के लोगों के अलावा बाहर से बड़ी संख्या में राहगीर भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसमें छात्र-छात्राएं, मजदूर, किसान, व्यवसायी व नौकरी पेशा वाले आदि शामिल हैं। कई बार ट्रैक पार करते समय दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। बावजूद इसके रेल विभाग इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
मानवरहित क्रॉसिंग के समीप काफी दिनों से अंडर पास निर्माण का बोर्ड भी लगा हुआ है। बोर्ड पर अंडर पास निर्माण की लागत एक करोड़ 61 लाख 83 हजार 221 रुपये दर्शाई गई है। बोर्ड पर कार्य स्वीकृति तिथि दिसंबर 2013 तथा कार्य पूर्ण करने की अवधि छह माह अंकित है। बावजूद इसके आठ वर्ष बीतने के बाद भी अंडर पास निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।