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बेमौसम बरसात ने तोड़ी ईंट भट्ठा उद्योग की कमर

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संग्रामपुर/जगदीशपुर (अमेठी)। दो दिन से लगातार चल रही रिमझिम बारिश ने ईंट कारोबारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बेमौसम बारिश ने क्षेत्र के ईंट भट्ठा संचालकों की कमर तोड़ दी है। इन दो दिनों की बारिश में जिले भर में करीब 50 करोड़ कच्ची ईंटें गलकर बर्बाद हो गईं। कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में ईंट भट्ठा मालिकों को काफी घाटा उठाना पड़ा था।
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संग्रामपुर ब्लॉक क्षेत्र के पतापुर, तारापुर, जरौटा, विशेषरगंज, बेलखरी, तिवारीपुर, धोएं सहित एक दर्जन गांव में ईंट भट्ठा संचालित हैं। ईंट भट्ठों में लाखों की संख्या में कच्ची ईंटों को खुले में सूखने के लिए रखा गया था। सूखने के बाद उन्हें ईंट भट्ठे के चैंबर में डालकर पकाया जाता है।
बरसात के बाद इसी मौसम में दिसंबर से जून तक कच्ची ईंटें तैयार होती हैं और पकाने के बाद उनकी बिक्री होती है। इसी बीच बुधवार से शुक्रवार तक लगातार चल रही रिमझिम व बीच-बीच में हुई तेज बरसात ने कच्ची ईंटें बर्बाद कर दीं।
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ईंट भट्ठा संचालकों के अनुसार तेज बरसात से ईंट भट्टों पर पकने के लिए तैयार की गई ईंटें पानी में गलकर खराब हो गईं। ईंट भट्ठा संचालकों के अनुसार बारिश के चलते पांच से दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लाखों की संख्या में कच्ची ईंटें बारिश की भेंट चढ़ चुकी हैं। बरसात से ईंट की पथाई का कार्य भी रुक गया है।
ईंट कारोबारियों में निराशा
संग्रामपुर (अमेठी)। पतापुर में ईंट भट्ठा चलाने वाले विनोद मिश्र ने बताया कि उनके भट्ठे पर कच्ची ईंट की पथाई का काम तेज गति से चल रहा था। तैयार कच्ची ईंटों को दो दिन की बरसात ने बर्बाद कर दिया। पथी हुई ईंट खराब होने से कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ईंट भट्ठा संचालक ओपी दुबे, पोपट मिश्र ने कहा कि सरकार को ईंट भट्ठा व्यवसायियों के हित में सोचना चाहिए। टैक्स का सही निर्धारण न करके उनका शोषण किया जा रहा है। बारिश के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए रॉयल्टी एवं टैक्स में छूट दी जानी चाहिए। (संवाद)
चट्टों में लगी ईंट भी बर्बाद
जगदीशपुर (अमेठी)। कमरौली थाना क्षेत्र के सिंदुरवा में स्थित रॉयल ईंट भट्ठे पर मौजूद पथेरा छत्तीसगढ़ निवासी विजय ने बताया कि करीब दो लाख रुपये से अधिक की कच्ची ईंटें पड़ी हैं, जो भीगने से खराब हो गईं। जो ईंट चट्टे में लगी हैं उनके ऊपर पन्नी डालकर अभी बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गुरुवार को पूरी रात हुई बारिश से अधिकतर ईंट भट्टों पर जमीन पर पड़ी ईंटें तो गलीं ही पानी के भरने से चट्टे में लगी ईंटें भी गिरकर बर्बाद हो गईं। (संवाद)
लगभग छह करोड़ रुपये का नुकसान
जगदीशपुर (अमेठी)। ईंट उद्योग कल्याण समिति अमेठी /सुल्तानपुर के महामंत्री मनोहर कुमार गावरी ने बताया कि अमेठी में 240 उद्यमी ईंट भट्ठे का व्यवसाय करते हैं। सभी भट्ठों पर इन दिनों मिट्टी से बनीं ईंटों की पथाई कराकर खुले मैदान में सुखाने का काम चल रहा था। जो ईंटें सूख चुकी थीं वे भी बाहर लगी थीं। बूंदा बांदी के साथ हुई बरसात से प्रत्येक भट्ठे पर कम से कम ढाई लाख ईंटें तो खराब हुई ही हैं। इससे करीब जिले में करीब छह करोड़ रुपये कीमत की पचास करोड़ ईंटें गल गईं।
ईंट उद्यमी कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र विजय सिंह ने बताया की दो दिन की बेमौसम बरसात से अमेठी जनपद के भट्ठा स्वामियों का काफी नुकसान हुआ है। भट्ठा व्यवसायी केडी मिश्र, राजमोहन, बबलू यादव, हरिदास, हबीब, नईम, रणधीर सिंह, प्रकाश मिश्र, राहुल राजपाल, श्रीराम प्रजापति आदि ने बताया कि उनके भट्ठे पर पांच से 10 लाख ईंटें गल गई हैं। एक ईंट पर एक रुपये का खर्च आता है। ऐसे में हर व्यवसायी को सीधे तौर पर पांच से 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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