जगदीशपुर (अमेठी)। त्योहारों का सीजन है लेकिन आम आदमी के किचन का बजट बिगड़ गया है। सब्जियों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि लोगों की जेब ढीली कर रही है। टमाटर 50 रुपये किलोग्राम बिक रहा है तो लहसुन सौ रुपये के पार हो गया है।
पेट्रो पदार्थों की कीमतों की वृद्धि का असर आम आदमी की रसोई तक देखा जा रहा है। डीजल व पेट्रोल महंगे होने से सब्जियों का ट्रांसपोर्ट खर्च भी महंगा हो गया है। रही सही कसर पिछले दिनों हुई बरसात ने पूरी कर दी है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उगने वाली सब्जियों के साथ ही बाहर से आने वाली सब्जियों के दामों में भी पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आलू से लेकर टमाटर व भिंडी तक के दामों में दोगुने तक की वृद्धि हुई है।
गृहणी जुगनू खान, सरिता तिवारी व गुड़िया के अनुसार कोरोना काल के बाद सब्जियों की सबसे अधिक जरूरत है। सब्जियां खाने में लोगों की रुचि बढ़ी है लेकिन महंगी होती सब्जियां घर का बजट बिगाड़ रही हैं।
व्यवसायी बताते हैं कि बरसात में आमतौर पर बाहर से आने वाले हरी सब्जियों की आवक स्थानीय बाजार में कम होने से भी दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल-डीजल के दाम में हुई बढ़ोतरी भी सब्जियों के दामों को आसमान पर ले जाने की मुख्य वजह है।