अमेठी। फ्लाई ओवर के निर्माणाधीन होने के चलते किठावर व ककवा मार्ग के अलावा दक्षिणी छोर के अन्य मार्गों से आने वाले राहगीरों को शहर पहुंचने के लिए बनाया गया डायवर्जन रूट 15 दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
यह निर्णय डायवर्जन रूट को चलने लायक बनाने के लिए लिया गया है। डायवर्जन रूट बंद होने से प्रतिदिन एक लाख राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ेगी। अब ककवा व किठावर मार्ग के राहगीरों को अमेठी पहुंचने के लिए गोसाईगंज-ताला मार्ग का प्रयोग करना होगा। रूट डायवर्ट होने से लोगों को 10 से 20 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
लखनऊ वाराणसी रेलखंड स्थित 102-बी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाई ओवर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। फ्लाई ओवर निर्माणाधीन होने के कारण किठावर और ककवा मार्ग के साथ रेलवे क्रॉसिंग दक्षिणी छोर से आने वाले अन्य मार्गों के राहगीरों को शहर पहुंचने के लिए डायवर्जन रूट निर्धारित किया गया है। डायवर्जन रूट पुलिस लाइन के समीप से हीरा सुनार का पुरवा स्थित रेलवे क्रॉसिंग होते हुए गौरीगंज-अमेठी मार्ग पर निकलता है।
डायवर्जन रूट जर्जर होने के चलते नए निर्माण के दौरान इसे बाइपास के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस सड़क पर भी निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कार्य में बाधा न पहुंचे इसको लेकर कार्यदायी संस्था की ओर से 15 दिनों के लिए डायवर्जन रूट को बंद किया जा रहा है। इस के संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
ताला-गोसाईगंज मार्ग पर होगा डायवर्जन
हीरा सुनार का पुरवा से वन विभाग तक बनाए गए डायवर्जन रूट को निर्माण कार्य के दौरान 15 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है। ऐसे में राहगीरों को ताला गोसाईगंज मार्ग से होकर अमेठी एवं ककवा किठावर मार्ग पर आवागमन करना होगा। जिससे उन्हें करीब 10 से 20 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी होगी।
मार्ग बंद करना जरूरी : जेई
पीडब्ल्यूडी के जेई श्रीश मिश्रा ने बताया कि नाबार्ड योजना के तहत 2.34 करोड़ की लागत से उक्त बाइपास का निर्माण हो रहा है। कोरोना संक्रमण और बारिश के चलते निर्माण कार्य में बाधा पहुंची। निर्माण कार्य को जल्द समाप्त करने को लेकर 15 दिनों के लिए डायवर्जन रूट बंद किया जा रहा है। जिससे निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जा सके। निर्माणाधीन बाइपास पर पूरी चौड़ाई में एक साथ कार्य किया जाना है। कार्य के दौरान दुर्घटना न हो इसको लेकर निर्माणाधीन डायवर्जन रूट को बंद करना जरूरी है।
नई तकनीक से बन रहा मार्ग
जेई श्रीष मिश्र ने बताया कि निर्माणाधीन डायवर्जन रूट को नई तकनीक से बनाया जा रहा है। इसमें पहले पत्थर को पूरी चौड़ाई में फैला कर मशीन के माध्यम से इमलसन एवं सीमेंट को मिक्स करके दबाया जाएगा। इसीलिए पत्थरों को फैलाने के बाद उस पर और रोलर नहीं चलाया जाता।
एसपी को भेजा पत्र : एक्सईएन
अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस संबंध में एसपी को पत्र भेजा गया है। कहा गया है कि उक्त मार्ग से भारी वाहनों एवं छोटे वाहनों का आवागमन ज्यादा होता है ऐसे में निर्माण कार्य में असुविधा हो रही है। निर्माण के दौरान किसी प्रकार की घटना न घटित हो इसको लेकर 17 नवंबर से 30 नवंबर तक मार्ग बंद करते हुए ताला गोसाईगंज मार्ग से आवागमन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है।