अमेठी सिटी। जिले में संचालित राजकीय इंटर कॉलेजों में माध्यमिक शिक्षा विभाग समर कैंप आयोजित करेगा। पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू होने वाले कैंप में छात्रों को प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराकर पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय भाषा और रीति-रिवाजों के साथ जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों से भी परिचित करवाया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारी चाहते हैं कि प्रत्येक जिले के विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान अपने जिले की सामाजिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के साथ जिले की खासियत को समझें। उसका महत्व उन्हें पता चले। अतीत उनके व्यक्तित्व को भी निखारेगा।
जिले में संचालित 36 राजकीय माध्यमिक विद्यालय के करीब एक लाख विद्यार्थियों को समर कैंप के माध्यम से भ्रमण करवाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्रों में पर्यावरण जागरूकता, जल संरक्षण, सफाई एवं स्वास्थ्य को लेकर विद्यालयों में इको क्लब का गठन किया गया था।
इको क्लब को लेकर समर कैंप आयोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों को समूहों में बांटकर आसपास के ग्रामीण व पर्यटन स्थलों पर ले जाया जाएगा और ऐतिहासिक, भौगोलिक, रीति-रिवाज, परंपराओं, हस्तशिल्प के बारे में बताया जाएगा। विद्यालय परिसर में किचन गार्डन के विकास में छात्रों की भूमिका सुनिश्चित होगी। विद्यालय के पास खाली जमीन न होने पर पुरानी बाल्टियों, प्लास्टिक की बोतलों और मिट्टी के बर्तन का उपयोग कर उसमें लतायुक्त पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के स्थान पर विद्यालय में उपयुक्त कचरों का प्रयोग कर कंपोस्ट खाद एवं पर्यावरण अनुकूल कीटनाशकों का विकास कर प्रयोग में लाया जाएगा। मोटे अनाजों से स्वास्थ्य संबंधित लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
समर कैंप आयोजन की चल रहीं तैयारियां
जिला विद्यालय निरीक्षक रीता सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ-साथ जिले की जानकारी होना भी जरूरी है। इसके लिए जिले के ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी जाएगी। विद्यार्थियों का विकास होगा। इको क्लब के माध्यम से छात्र-छात्राओं प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराकर पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। छात्रों को समूहों में बांटकर पर्यटन स्थलों पर भ्रमण कराया जाएगा।