30 : गौरीगंज : जिला अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर लैब। -संवाद
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गौरीगंज (अमेठी)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते दिसंबर माह से जिले में आरटीपीसीआर जांच बंद हो गई थी। फरवरी माह से तो इमरजेंसी में की जा रही जांच भी पूरी तरह बंद कर दी गई। यह स्थिति जांच के दौरान प्रयुक्त होने वाली 79 प्रकार की सामग्री पूरी तरह समाप्त होने से उपजी थी।
इसके लिए पिछले दिनों शासन की ओर से 20 लाख रुपये आवंटित हुए। राशि मिलने पर समाप्त सामग्रियों की खरीद होने के बाद आपूर्ति लैब को मिल गई। आपूर्ति मिलने के बाद अब जांच शुरू कर दी गई है।
कोरोना काल में लक्षण वाले मरीजों की जांच के लिए जिला अस्पताल भवन में तीन जुलाई 2021 से आरटीपीसीआर लैब का संचालन शुरू किया गया था। जिले में लैब का संचालन होने से दूसरे दिन ही जांच रिपोर्ट मिल जाती थी।
कोरोना सैंपलों की जांच के दौरान लैब में कुल 79 प्रकार की सामग्री प्रयुक्त की जाती है। जांच सामग्री समाप्त होते देख विभाग की ओर से नवंबर माह में ही सामानों की खरीद के लिए मांग पत्र एमडी एनएचएम को भेज दिया गया था। बावजूद इसके बजट नहीं आने से खरीद नहीं हो सकी। ऐसे में दो दिसंबर से जिले की लैब में जांच बंद हो गई।
एकत्र सैंपल को जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया असप्ताल लखनऊ की लैब में भेजा जाने लगा। यहां पर सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीजों की जांच की जा रही थी। एक फरवरी से सामग्री पूरी तरह समाप्त होने के बाद इमरजेंसी जांच भी बंद कर दी गई थी।
पिछले दिनों शासन से 20 लाख रुपये का बजट मिलने के बाद राशि सीएमओ कार्यालय से अवमुक्त की गई। राशि मिलने के बाद सीएमएस की ओर से समाप्त सामग्रियों का ऑर्डर किया गया। ऑर्डर के बाद शुक्रवार को सामग्रियों की आपूर्ति लैब को मिल गई। सामग्री मिलने के बाद शुक्रवार से ही जिले की लैब में जिला अस्पताल में एकत्र होने वाले सैंपलों की जांच शुरू कर दी गई।
सोमवार से होगी जांच
सीएमएस डॉ. ब्रदी प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि सामानों की आपूर्ति उन्हें मिल गई है। कहा कि जिला अस्पताल में लिए जा रहे सैंपलों की जांच शुरू कर दी गई है। कहा कि अब सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र भेजा जा रहा है। सोमवार से जिले के सभी 13 सीएचसी केंद्रों पर एकत्र होने वाले सैंपलों की जांच यहीं से की जाएगी।