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गड्ढामुक्त अभियान को आइना दिखा रहीं क्षेत्र की सड़कें

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इन्हौना : कीचड़ युक्त ब्लॉक क्षेत्र का अहोरवा भावनी संपर्क मार्ग। -संवाद - फोटो : AMETHI
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इन्हौना (अमेठी)। क्षेत्र की कई सड़कें प्रदेश सरकार के निर्देश पर पिछले दिनों चलाए गए गड्ढामुक्त अभियान को आइना दिखा रही हैं। आलम यह है कि मामूली बरसात में अधिकांश सड़कें तालाब बन जाती हैं। अफसरों व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का खामियाजा आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
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तहसील क्षेत्र की जर्जर सड़कें ही अति विशिष्ट क्षेत्र की पहचान बन चुकी हैं। तहसील तिलोई मुख्यालय से रायबरेली की दूरी मात्र 28 किलोमीटर है किंतु रायबरेली मार्ग की दुर्दशा देखकर लोग जाने से कतराते हैं। व्यवसायी जयकांत श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का वादा किया था। इस वादे को पांच वर्ष बीत गए लेकिन क्षेत्र की अधिकांश सड़कें बदहाल पड़ी हैं। इन्हौना निवासी अमरीश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों से गुजरना लोहे के चने चबाने से कम नहीं है। क्षेत्र के बनभरिया निवासी रोहित अवस्थी ने बताया कि तिलोई तहसील मुख्यालय से सेमरौता मार्ग, रायबरेली मार्ग व जगदीशपुर मार्ग समेत क्षेत्र की तमाम खस्ताहाल सड़कों से गुजरना मुश्किल भरा होता है। आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल होते रहते हैं। शिवरतनगंज कस्बा निवासी व्यापारी परवेज अहमद ने अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को खस्ताहाल सड़कों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुए विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश सरकार ने सड़कों की दशा सुधारने के कड़े कदम उठाए लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का सपना पूरा नहीं हो सका।
क्षेत्र की खस्ताहाल प्रमुख सड़कें
1. सेमरौता से हैदरगढ़ मार्ग की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है लेकिन दोनों को जोड़ने वाली सीधी सड़क के बदहाल होने से हैदरगढ़ पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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2. तिलोई से सेमरौता जाने वाला मार्ग भी बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
3. सेमरौता से कठौरा मार्ग की हालत भी दयनीय है। इस सड़क पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
4. इन्हौना से महराजगंज मार्ग वाया सेमरौता की दूरी 27 किलोमीटर है। इस पर लगभग प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीर गुजरते हैं। यह मार्ग रायबरेली से शुकुल बाजार-रुदौली होते हुए अयोध्या को जोड़ता है। इस मार्ग की हालत खराब है। मार्ग पर बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे हैं।
ग्रामीण मार्गों का हाल भी बदहाल
मुख्य मार्गों के अलावा क्षेत्र के ग्रामीण लिंक मार्गों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। चाहे तिलोई से फूला मार्ग हो या फिर सेमरौता से खेखरुआ मार्ग। पूरे भुलैया से लोढ़ाबाग हो या फिर अहोरवा भवानी से राजाफत्तेपुर मार्ग वाया पन्हौना। सभी जर्जर अवस्था में हैं। यह सड़कें तो बानगी मात्र हैं। क्षेत्र की अधिकांश सड़कों का हाल ऐसा ही है।
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