अमेठी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षा में लापरवाही बरतना प्रभारी प्रधानाचार्य को रविवार को भारी पड़ा। लगातार मिल रही शिकायतों व जांच में पुष्टि होने के बाद डीआईओएस ने अपर सचिव को पत्र भेजकर प्रभारी प्रधानाचार्य के निलंबन की संस्तुति की है। डीआईओएस की कार्रवाई से माध्यमिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा कार्यों में लगातार लापरवाही बरतना राजकीय हाईस्कूल रानीगंज के प्रभारी प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र वर्मा को भारी पड़ गया। परीक्षा शुरू होने के बाद से प्रवेशपत्र वितरण नहीं करने, प्राइवेट परीक्षार्थियों के आवेदनों में त्रुटि के बाद बिना सूचना उसे सही करने, लगातार बच्चों के विषय परिवर्तन करने तथा साइंस वर्ग के परीक्षार्थी को हिंदी साहित्यिक विषय में पंजीकृत करने की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
प्रभारी प्रधानाचार्य की ओर से बरती जा रही लापरवाही से नाराज डीआईओएस जयकरन लाल वर्मा ने प्रभारी प्रधानाचार्य से जवाब-तलब करते हुए अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को पत्र जारी कर इनके निलंबन की संस्तुति की है। डीआईओएस की कार्रवाई से माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ ही परीक्षा से जुड़े शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की निगरानी के लिए नामित श्रावस्ती डायट प्राचार्य कमलेश कुमार ने शनिवार को जिले के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी ने श्री निषादराज इंकॉ किटियावां, जीजीआईसी शाहगढ़, रानी सुषमा देवी बालिका इंकॉ मुंशीगंज, गांधी इंकॉ कोरारी लक्ष्छनशाह, सरस्वती शिक्षा मंदिर ग्राम भारती, यशोदा देवी बालिका इंकॉ नौगिरवां तथा श्री रणछोर इंकॉ टिकरी का निरीक्षण किया। इस दौरान नोडल अधिकारी को कहीं भी परीक्षा की शुचिता प्रभावित होने का मामला प्रकाश में नहीं आया।