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आबादी की आठ बिस्वा जमीन निगल गई चार जिंदगी

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अमेठी। राजापुर मजरे गुगवाछ में आबादी की आठ बिस्वा जमीन से उपजी रार ने चार जिंदगियां छीन लीं। मंगलवार देर शाम लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हुए इस हत्याकांड के बाद गांव में भारी आक्रोश है। आक्रोश को देखते हुए एसपी से लेकर आईजी तक गांव में कैंप कर रहे हैं। पीड़ित परिवार के एक सदस्य की तहरीर पर मौजूदा ग्राम प्रधान समेत सात को नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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गांव निवासी संकठा यादव व रामदुलारे यादव के बीच आबादी की आठ बिस्वा भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। भूमि का एक हिस्सा रामदुलारे तो दूसरा हिस्सा संकठा के कब्जे में था। संकठा के कब्जे वाली भूमि के एक टुकड़े पर उनका बड़ा पुत्र हनुमान छप्परनुमा मकान बनाकर रहता था। राम दुलारे पक्ष जहां अपने हिस्से की जमीन का रकबा बढ़ाने तो संकठा पक्ष अपनी जमीन (नंबरी बाग) बचाने की कोशिश में जुटा था। इसी विवाद में मंगलवार रात रामदुलारे पक्ष ने तब संकठा पक्ष पर हमला बोल दिया, जब उनके बड़े पुत्र हनुमान ने भी विवादित भूमि पर मौरंग गिरवा दी।
ग्रामीणों के अनुसार हनुमान के मौरंग गिराते ही राम दुलारे व उनके पक्ष के लोगों ने हनुमान पर हमला बोल दिया। हनुमान की चीख पुकार पर उसके घर के लोग जैसे-जैसे आते गए वैसे-वैसे हमलावर पक्ष उन्हें मारकर गिराता रहा। आखिर में यह स्थिति बनी कि आठ बिस्वा भूमि के इस विवाद में हनुमान के अलावा उसके भाई अमरेश (पूर्व ग्राम प्रधान) व पिता संकठा और मां पार्वती की मौत हो गई। परिवार के तीन लोग अभी भी ट्रामा सेंटर में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
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पुलिस ने संकठा के पुत्र अमरजीत की तहरीर पर राम दुलारे यादव, अखिलेश यादव, बृजेश यादव, छोटू यादव व ग्राम प्रधान आशा तिवारी, आशा के पति रमाशंकर तिवारी व पुत्र नितिन तिवारी को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना से गांव में भीषण आक्रोश है। ग्रामीण पूरी घटना के लिए हलका पुलिस की लचरता को दोषी ठहरा रहे हैं। लोगों में घटना को लेकर उपजे आक्रोश को देखते हुए एसपी दिनेश सिंह व आईजी कवींद्र प्रताप सिंह जिले के सभी थानों की पुलिस व एक कंपनी पीएसी के साथ गांव में कैंप कर रहे हैं।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे गांव पहुंचे एडीजी बृजभूषण ने भी घटना स्थल का मुआयना किया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे आईजी कवींद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार से बात करने के बाद उन्हें आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। आईजी ने कहा कि जघन्यतम घटना से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ रासुका समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने घटना के तत्काल बाद ग्राम प्रधान आशा तिवारी व उनके पति रमाशंकर तिवारी के अलावा राम दुलारे और उसके पुत्र बृजेश को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं। करीब दो साल से चल रहा यह विवाद डेढ़ माह पूर्व तब बढ़ गया जब रामदुलारे ने आबादी की विवादित भूमि पर निर्माण शुरू करवा दिया। संकठा ने निर्माण को रोकने की कोशिश की लेकिन राम दुलारे ने निर्माण बंद नहीं किया।
परेशान संकठा ने छह व सात फरवरी को मामले की शिकायत एसडीएम व स्थानीय पुलिस से की लेकिन दोनों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद संकठा दीवानी न्यायालय गए। यहां से सभी पक्षों को नोटिस जारी हुई लेकिन रामदुलारे ने काम नहीं बंद किया, जिसके चलते मंगलवार रात इतनी बड़ी घटना हो गई।
घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश इस कदर रहा कि नाराज ग्रामीणों ने दोपहर बाद निर्मित दीवार को ट्रैक्टर से ढहाना शुरू कर दिया। ग्रामीण बड़े भू-भाग पर जेल सरीखी ऊंची-ऊंची दीवार का महज एक छोटा हिस्सा ही ढहा सके। जिस समय ग्रामीण निर्मित दीवार ढहा रहे थे उस दौरान एसडीएम संजीव कुमार मौर्य व सीओ अर्पित कपूर के अलावा बड़ी संख्या में अफसर व पुलिस कर्मी मौजूद रहे। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से नाराज ग्रामीणों ने एसडीएम अमेठी संजीव कुमार मौर्य, सीओ अर्पित कपूर, अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि पुलिस व राजस्व विभाग के अफसरों ने संकठा द्वारा की गई शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो हत्याएं नहीं होती। ग्रामीणों ने घटना के लिए स्थानीय पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को देते हुए पुलिस के आला अफसरों के साथ गांव में पूरे जिले की फोर्स के साथ चार सेक्शन पीएसी बल तैनात किया गया है। जिले की सभी थानों की फोर्स को भी गांव में तैनात किया गया है।
बड़ी संख्या में अफसर व फोर्स की तैनाती के बावजूद ग्रामीणों में आक्रोश इस कदर चरम पर रहा कि दर्जनों अफसरों की मौजूदगी व भारी संख्या में फोर्स तैनात होने के बावजूद ग्रामीणों ने न सिर्फ अमेठी-दुर्गापुर मार्ग पर ट्रैक्टर खड़ा कर जाम लगा दिया, बल्कि सड़क किनारे स्थित राम दुलारे के मकान में तोड़फोड़ भी की। अफसरों की हर कोशिश ग्रामीणों के आक्रोश के आगे फ्लाप साबित होती रही।
गुगवाछ गांव में आबादी की भूमि पर कब्जे को लेकर हुई चार लोगों की हत्या के बाद सांत्वना देने वाला का तांता लगा हुआ है। घटना की सूचना के बाद भाजपा नेता काशी तिवारी, सपा जिलाध्यक्ष रामउदित यादव, अरुण प्रजापति, शिव प्रताप यादव समेत कई नेताओं, डीडीसी मुकेश यादव समेत बड़ी संख्या में संभ्रांत लोग पीड़ित के घर पहुंचे और उन्हें ढांढ़स बंधाया।
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