गौरीगंज/जगदीशपुर/अमेठी। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालयों में भोर से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने शिवालयों में गंगाजल, दूध, दही से जलाभिषेक कर बेलपत्र, चावल व पुष्प से भगवान शिव की पूजा करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
सावन मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूरे माह शिव भक्त प्रसिद्ध शिवालयों में पहुंच कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए ताला के मुकुटनाथ मंदिर, आनंदेश्वर महादेव मंदिर के अलावा इंडोगल्फ, भेल, संजय गांधी पॉलीटेक्निक कैंपस स्थित शिव मंदिर, यूपीसीडा कालोनी सहित जगदीशपुर के सत्तेश्वर, निहालगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्थित शिव मंदिर के अलावा क्षेत्र के अन्य शिवालयों को रंग रोगन के साथ ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है।
शिवलिंग की आकर्षक साज-सज्जा के साथ ही रविवार देर रात से ही भजन कीर्तन शुरू हो गए थे। सोमवार भोर से ही शिवमंदिरों में बोल-बम के नारे के साथ जलाभिषेक और रुद्राभिषेक श्रद्धालुओं ने किया। कोविड काल के चलते अधिकांश श्रद्धालुओं ने घरों पर ही अनुष्ठान कर वैैदिक मंत्रोचार के साथ रुद्राभिषेक किया।
भगवान शिव को प्रिय श्रावण मास
जगदीशपुर। पंडित अनिल शास्त्री के अनुसार श्रावण मास में भगवान शंकर की पूजा का विशेष महत्व होता है। सोमवार भोले बाबा का प्रिय दिन माना जाता है। इसलिए श्रावण मास के सोमवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस महीने प्रत्येक सोमवार भगवान शिव का व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
इस महीने में लघुरुद्र, महारुद्र या अतिरुद्र पाठ को कर हर सोमवार शिव का व्रत करना चाहिए। श्रावण मास में सोमवार को श्री गणेश, भगवान शिव, माता पार्वती और ननदी देव की पूजा में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, मोली और वस्त्र समेत जनेऊ, चंदन, रोली, चावल, फूल, बेल-पत्र, भांग, आक-धतूरा, कमल, गट्ठा, प्रसाद, पान-सुपारी, लौंग, इलायची, मेवा व दक्षिणा अर्पित करना चाहिए।