गौरीगंज/तिलोई (अमेठी)। जिले में मरीजों के बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों को ऑक्सीजन सुविधा से लैस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री केयर फंड से तिलोई के रस्तामऊ स्थित 200 शैय्या के रेफरल अस्पताल में बृहस्पतिवार को ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री ने वर्चुअल तो विधायक ने विधि विधान से प्लांट का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद अस्पताल के सभी बेडों को सीधे ऑक्सीजन आपूर्ति से जोड़ दिया गया।
कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से स्वास्थ्य विभाग को परेशानी हुई तो कई संक्रमितों की मौत भी हो गई। कोविड की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए जिला अस्पताल, ट्रामा सेंटर में कंपनियों के सहयोग से तो रस्तामऊ स्थित 200 शैय्या के रेफरल अस्पताल में प्रधानमंत्री केयर फंड से ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापना को मंजूरी मिली थी।
मंजूरी के बाद सात स्थानों पर प्लांट संचालित करने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड से वर्चुअल माध्यम से रेफरल अस्प्ताल में निर्मित प्लांट का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री की ओर से किए गए शुभारंभ के बाद तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने डीएम अरुण कुमार के साथ विधि विधान से प्लांट का लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया गया।
प्लांट के शुभारंभ के बाद विधायक ने केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाई जा रही हैं। जिला रेफरल चिकित्सालय में डॉक्टरों व स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इसी माह में जन सामान्य हेतु स्वास्थ्य सुविधाएं प्रारंभ की जाएंगी। कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे, एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्ण कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
एक हजार एलपीएम उत्पादन
डीएम अरुण कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से प्रतिदिन एक हजार एलपीएम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। उत्पादन के साथ ही पाइप लाइन की मदद से सभी बेडों पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी।
सात प्लांट संचालित
डीएम ने बताया कि जिले में सात ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो गए हैं। जिला अस्पताल व रेफरल अस्पताल में दो-दो, ट्रामा सेंटर में एक, सीएचसी फुरसतगंज में एक व एसीसी फैक्टरी के अंदर एक प्लांट स्थापित होने के साथ संचालित हो गए हैं।
मिलेगा बेहतर उपचार
सीएमओ आशुतोष दुबे ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के संचालित होने से जिले में मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। चिकित्सकों को कार्य करने में सहूलियत होगी। जिले के अन्य अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने की कोशिश की जा रही है।