फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समय से दफ्तर नहीं पहुंच रहे साहब

विज्ञापन
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। अधिकारी अपने दफ्तरों में मौजूद रह कर शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें इसे लेकर शासन सख्त है। बावजूद इसके जिले के विभिन्न विभागों में तैनात अफसर मनमानी पर आमादा हैं। मंगलवार को अफसरों के समय से उपस्थिति की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला टीम विकास भवन में संचालित कई विभागों के दफ्तरों में पहुंची तो अधिकतर अफसर दफ्तर से नदारद मिले ।
विज्ञापन

टीम के पहुंचने पर सुबह 10:05 मिनट से 10:14 मिनट तक सात जिला स्तरीय अफसर अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। कुछ के कार्यालय में झाड़ू लग रही थी तो अन्य के कार्यालय खुले तो थे लकिन कुर्सी खाली थी। नदारद मिले अफसरों में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी व जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास), जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सहायक निदेशक मत्स्य तथा जिला उद्यान अधिकारी शामिल हैं।
हो रही थी सफाई
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडेय सुबह 10:05 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे। उनका चैंबर तो खुला था लेकिन कुर्सी खाली थी। कार्यालय का कर्मचारी कक्ष में झाड़ू जरूर लगा रहा था।
विज्ञापन

नहीं पहुंचे कार्यालय
विकास भवन स्थित जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पंकज सिंह भी सुबह 10:05 बजे तक अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। उनकी कुर्सी खाली थी, जबकि बगल के कमरे में संचालित कार्यालय में कर्मचारी काम में जुटे थे।
बंद मिला दरवाजा
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) का अतिरिक्त कार्य देख रहे जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा का कक्ष सुबह 10:05 बजे तक नहीं खुला था। उनका कार्यालय जरूर खुल गया था। कर्मचारी भी मौजूद थे। साहब के आने के बारे में पूछने पर वह कुछ भी बताने से कतरा गए।
नदारद मिले डीपीओ
विकास भवन में संचालित जिला कार्यक्रम दफ्तर में टीम सुबह 10:08 मिनट पर पहुंची। डीपीओ दिनेश सिंह नदारद मिले। कक्ष खुला मिला, लेकिन कुर्सी खाली थी। इनके आने के बारे में भी कोई कुछ नहीं बता सका।
नहीं मिले एक्सईएन
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का भी कमोवेश यही हाल रहा। अमर उजाला टीम इनके दफ्तर में सुबह 10:11 बजे पहुंची तो उनकी भी कुर्सी खाली मिली। साहब कार्यालय नहीं पहुंचे थे। हालांकि यहां भी कार्यालय कर्मचारी दफ्तर पहुंच गए थे।
कुर्सी मिली खाली
मंगलवार सुबह 10:11 बजे विकास भवन स्थित कार्यालय में सहायक निदेशक मत्स्य एके शुक्ल भी नहीं पहुंचे थे। इनका भी कक्ष खुला था लेकिन कुर्सी खाली पड़ी थी। हालांकि टीम द्वारा इसके बगल स्थित कार्यालय से लौटते समय एक कर्मी ने कहा कि हमारे साहब आ गए हैं। पूछने पर बताया कि अभी नीचे हैं।
10:14 तक नहीं पहुंचे दफ्तर
मंगलवार सुबह 10:14 बजे तक जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह भी अपने दफ्तर नहीं पहुंचे थे। इनका भी कक्ष खुला मिला लेकिन कुर्सी खाली रही। वहां मौजूद एक कर्मी से उनके आने के बारे में पूछने पर वह जवाब नहीं दे सका।
होगी कार्रवाई : सीडीओ
अफसरों के समय पर दफ्तर नहीं पहुंचने के बारे में पूछने पर सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि ऑफिस पहुंचने का समय सुबह दस बजे है। कहा कि उनकी ओर से 12 बार विकास भवन में संचालित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। कई अफसरों का वेतन भी बाधित है जिसमें से एक्सईएन आरईडी भी शामिल हैं। समय पर दफ्तर न पहुंचने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें