सिंहपुर (अमेठी)। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस व तरल कचरा अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना क्रियान्वित की जाएगी। इस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार की ओर से प्रथम चरण में सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के नौ गांवों का चयन हुआ है। चयनित नौ गांवों में 66.34 लाख रुपये की लागत से ठोस एवं तरल कूड़ा-कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे, जिससे गांव में भी शहर की तर्ज पर कचरा प्रबंधन हो सके।
सिंहपुर के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि अब गांव भी शहर की तर्ज पर कूड़ा-कचरा से मुक्त होंगे। गांवों में ठोस कूड़ा-कचरा व तरल अपशिष्ट के निपटान के लिए गांव में उचित प्रबंध किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य ही ग्रामीणों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। ठोस एवं तरल कूड़ा-कचरा प्रबंधन के माध्यम से ही व्यवस्था के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
इतना ही नहीं गांव में बेकार पड़ा ठोस कूड़ा-कचरा पंचायतों के लिए आमदनी का एक साधन भी बन सकता है। इससे ग्राम पंचायतें स्वच्छ व समृद्ध बनेंगी। परिवारों की संख्या के आधार पर सिंहपुर ब्लॉक की नौ ग्राम पंचायतों के नौ गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक पंचायत में आबादी के अनुसार धन का आवंटन हुआ है। उसी लागत से काम कराए जाएंगे, ताकि गांव को स्वच्छ बनाया जा सके। सिर्फ सोक पिट व घूर गड्ढा का कार्य कराया जाएगा।
संख्या के आधार पर किया निर्धारण
इस परियोजना के तहत गांव में कंपोस्ट-पिट, वर्मी-कंपोस्टिंग गड्ढा, सोखता गड्ढा, सोखता गड्ढा प्रत्येक दस घर पर एक बनेगा। इसमें सभी घरों का गंदा पानी जाएगा। यह कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए जाएंगे।
इन गांवों में होगा प्रबंधन
अहोरवा भवानी को 3.04 लाख रुपये, बहुवा को 9.85 लाख रुपये, चिलौली ग्राम पंचायत के सरैया सालारपुर राजस्व गांव को 1.92 लाख रुपये, गोयन को 2.26 लाख रुपये, इन्हौना को 20.58 लाख रुपये, खारा को 13.63 लाख रुपये, कोची में राजस्व ग्राम रामपुर को 1.29 लाख रुपये, पन्हौना में राजस्व गांव पट्टी बख्शी को 1.33 लाख रुपये और रस्तामऊ को 12.44 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। इसी लागत से कचरा प्रबंधन के काम किए जाएंगे, जिससे गांव को भी शहर की तर्ज पर स्वच्छ बनाया जा सके। जगह के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगा जा रहा है। जगह फाइनल होते ही काम शुरू हो जाएंगे।