गौरीगंज (अमेठी)। जिले के कई क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई मूसलधार बारिश से उपजी समस्या बरसात बंद होने के छह दिन भी झेलनी पड़ रही है। प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही के चलते जहां कई गांव व मोहल्लों में जलभराव है, वहीं कई जगह आवागमन ठप हो गया है।
बहादुरपुर के हरबंशगंज जूनियर हाईस्कूल के परिसर व कमरों में जलभराव है तो अन्य कई स्कूल में बच्चे पानी के बीच से होकर आ-जा रहे हैं। मुसाफिरखाना के एक मोहल्ले में तो लोगों के घरों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा है। सिंहपुर में उफनाए ड्रेन की वजह से कई गांवों का आवागमन प्रभावित है। बावजूद इसके प्रशासनिक अफसरों की नींद नहीं टूट रही है।
ब्लॉक क्षेत्र बहादुरपुर के गांव मवई आलमपुर में संचालित जूनियर हाईस्कूल हरबंशगंज जलभराव की चपेट में है। स्कूल के सभी कक्षों में बारिश के बाद उफनाए मटटन नाले का पानी भरा है। शिक्षकों द्वारा एक कक्ष में सभी कक्षाओं के छात्रों को बैठाकर किसी तरह शिक्षण कार्य किया जा रहा है। बच्चों को स्कूल के भीतर आने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
स्कूल में कुल 164 बच्चे नामांकित हैं। कायाकल्प के तहत पिछले वर्ष बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया था। स्कूल परिसर का पानी निकालने के लिए बाउंड्रीवॉल की दीवार में बनाए गए होल से उफनाए नाले का पानी अंदर आ गया है।
जलभराव होने से संक्रामक बीमारियों के भी फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रधानाध्यापिका नरगिश फातिमा ने बताया कि नाले का पानी एक कक्ष को छोड़ पूरे विद्यालय परिसर में भर गया है। ऐेसे में शिक्षण कार्य करने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
मुसाफिरखाना कस्बे के समीप जोगीबीरन कालोनी बसी है। पिछले दिनों हुई बारिश से किसानों को इस समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरों में आ रहा पानी भी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। खेतों की सिंचाई के लिए बने कुलाबे से निकलने वाला पानी खेतों के माध्यम से कॉलोनी तक पहुंच रहा है।
पीड़ितों के अनुसार पास के चकमार्ग पर लगी पाइप से खेतों के अलावा बरसात का भी पानी कॉलोनी के चारों ओर करीब चार फीट तक जमा हो गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद पानी कॉलोनी के कई घरों में घुस गया है। बारिश बंद होने के करीब छह दिन बाद भी लोगों के घरों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा है। ऐसे में लोगों का जीना दूभर हो गया है।
कुछ लोग रात में पड़ोसियों की छतों पर गुजारा करने को मजबूर हैं। पीड़ित सरिता सिंह, स्मिता तिवारी व आशा कनौजिया आदि महिलाओं ने जमा पानी की निकासी कराए जाने की मांग की है।
सिंहपुर स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के इन्हौना-रायबरेली मार्ग पर गुमिया ड्रेन के उफान पर होने के चलते कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से आवागमन कर रहे हैं। पिछले दिनों हुई मूसलधार बारिश से गुमिया ड्रेन इन दिनों उफान पर है। ड्रेन के बढ़े जलस्तर से करीब सात-आठ गांवों के लोग प्रभावित हैं।
बताते चलें कि रायबरेली-इन्हौना मार्ग से मैनझार, कुटी, झलिहा, लंगोटीपुर, पूरे लोकई, पूरे गंगई, परसौना आदि गांवों के संपर्क मार्ग पर जलभराव हो गया है। इसकी वजह से इन गांवों के तकरीबन सभी मार्ग बंद हो गए हैं।
ग्रामीण दिलीप यादव, पप्पू यादव, शत्रोहन यादव, पारस व सतीश आदि ने बताया कि रास्तों पर कई फीट तक पानी भरा है। कोई और उपाय न होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूचना के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है।
मुंशीगंज बाजार के मुसाफिरखाना रोड पर बनीं दुकानें सड़क से काफी नीचे हैं। ऐसे में मूसलधार बारिश बंद होने के बाद भी दुकानों में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। कई दिनों से दुकानों में पानी जमा होने से रखे गए सामान खराब हो रहे हैं।
हार्डवेयर व वेल्डिंग समेत दर्जनों दुकानों में पानी भरा हुआ है। जलभराव से लाखों का सामान खराब हो रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की जा रही है। व्यापारियों ने प्रशासन से पानी निकलवाए जाने की व्यवस्था कराने की मांग की है।