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राशन वितरण में उड़ी आर्दश आचार संहिता की धज्जियां

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गौरीगंज (अमेठी)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बुधवार को कोटे की दुकानों से राशन वितरण के दौरान आदर्श आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ीं। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र लगे नमक के पैकेटों को कोटेदार पूरे दिन उपभोक्ताओं में वितरित करने में जुटे रहे। पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद निगरानी का जिम्मा संभालने वाले अफसरों ने भी चुप्पी साधकर पूरी प्रक्रिया में अपनी मौन सहमति दी। खुलेआम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन जिला प्रशासन के निष्पक्ष चुनाव के दावों की पोल खोल रहा है।
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प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना से गेहूं/ चावल के साथ प्रति उपभोक्ता एक किलोग्राम चना व एक किलो नमक के साथ एक लीटर खाद्य तेल जिले की 764 कोटे की दुकानों से उपभोक्ताओं में वितरित किया जाता है। बुधवार से शुरू हुए वितरण चक्र में कोटे की दुकानों से उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र छपे नमक के पैकेट राशन, चना व खाद्य तेल के साथ वितरित हुआ।
आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद कई कोटे की दुकानों पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के प्रचार का बैनर लगा रहा तो प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के फोटो लगे पैकेट में नमक वितरित होना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। बीते दिन मंगलवार को विपणन गोदामों से उठान के समय कोटेदारों को मौखिक आदेश दिया गया था कि चित्र पर टेप लगाकर वितरण किया जाए, लेकिन समय नहीं होने तथा टेप चिपकाने पर आने वाले खर्च को स्वयं ही वहन करने की जिम्मेदारी मिलने के बाद कोटेदारों ने भी विपणन गोदामों की तरह उपभोक्ताओं को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र युक्त पैकेट में पैक नमक थमा दिया, उपभोक्ता भी नमक का पैकेट ले कर जाते रहे।
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ादर्श आचार संहिता की राशन वितरण में जमकर धज्जियां उड़ती रहीं तो निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले अफसर भी मौन रहकर अपनी सहमति देते रहे। खुले आम आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से जिला प्रशासन के निष्पक्ष चुनाव के वादों की पोल खुल गई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बुधवार को वितरण के दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के फोटोयुक्त नमक का पैकेट मिलने के बाद अफसरों के मौखिक निर्देश का पालन नहीं कर पाने की दशा में कई कोटेदारों ने नया रास्ता अपनाया।
कोटेदारों ने उपभोक्ताओं को नमक आपूर्ति नहीं होने की बात कहते हुए गेहूं/चावल, चना व तेल वितरित किया। नमक की जिद करने वाले उपभोक्ताओं को नगद पैसा देकर अपने को सुरक्षित करने की कोशिश में जुटे रहे। कुछ कोटेदारों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि अफसरों के दबाब में वितरण किया जा रहा है। बचाव के लिए उपभोक्ताओं को नमक नहीं दिया जा रहा है।
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