गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के साथ ही खाद्य विभाग की योजना से पात्रों को लाभान्वित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। कैंप कार्यालय में डीएम ने राशन वितरण के साथ विभागीय योजना की समीक्षा करते हुए कमी मिलने पर जिम्मेदारों को फटकार लगाई। डीएम ने कोटे की रिक्त दुकानों पर विक्रेता नियुक्त करने का निर्देश दिया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में 70,378 अंत्योदय व 2,82,193 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को 682 कोटे की दुकानों से राशन मुहैया कराया जाता है। कोविड संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के साथ खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत निशुल्क राशन दिया जा रहा है। विभागीय योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के लिए डीएम अरुण कुमार ने समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान 2018 से रिक्त चल रही कोटे की 14 दुकानों पर विक्रेताओं की नियुक्ति नहीं होने से नाराज डीएम ने फटकार लगाते हुए विक्रेताओं की नियुक्ति करने तथा लापरवाह बीडीओ से जवाब-तलब करने का निर्देश दिया। डीएम ने नियमित राशन वितरण, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना अंतर्गत निशुल्क राशन, आधार फीडिंग, आधार सीडिंग, उज्ज्वला योजना की समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान 3,52,568 राशन कार्डधारकों में से 20 सितंबर से अब तक 3,24,666 राशन कार्डधारकों को 40850.73 क्विंटल गेहूं तथा 27253.82 क्विंटल चावल समेत 68084.55 क्विंटल राशन के वितरण होने की बात सामने आई। 14,64,030 यूनिटों के सापेक्ष अब 14,60,755 यूनिटों की आधार फीडिंग तथा 14,49,500 यूनिटों की आधार सीडिंग होने के साथ ही उज्ज्वला योजना में 1,32,484 लाभार्थियों को कनेक्शन वितरित करने की जानकारी डीएसओ ने दी।
बैठक में उज्ज्वला योजना 2.0 में 9975 गैस कनेक्शन देने के साथ ही अन्य योजना के प्रगति की जानकारी दी गई। समीक्षा के बाद डीएम ने निर्धारित रेट व मात्रा पर लाभार्थियों को राशन वितरित करने के साथ नियमित जांच कर अनियमितता बरतने वाले कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक में डीएसओ संजय कुमार समेत सभी पूर्ति निरीक्षक व जिम्मेदार मौजूद रहे।