अमेठी सिटी। विश्व अल्जाइमर दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने आहार एवं व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता पर चर्चा की। कहा कि विश्व में करीब 55 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित है, जो एक चिंता का विषय है।रणवीर रणंजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की ओर से किया गया। डॉ. एमपी त्रिपाठी ने बताया कि पूरे विश्व में लगभग 55 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। इस बीमारी को ठीक करने के लिए आहार, विहार एवं व्यवहार में बदलाव लाना होगा। बदलाव से ही बचाव किया जा सकता है।
डॉ. अनादि कुमार मिश्रा ने कहा कि यह बीमारी रिवर्सिबल प्रोग्रेसिव डिजीज है। जिसको हम अपने जीवन शैली में बदलाव लाकर इसके दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं। डॉ. वीरेंद्र बहादुर सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र मिश्रा, डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. पवन कुमार पांडेय, डॉ. विमल विद्यार्थी, डॉ. सुनील दत्त सिंह, डॉ. रीना त्रिवेदी, डॉ. प्रज्ञा सिंह, डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव एवं पवन कुमार मिश्रा के साथ छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।